धनबाद में पाताल से निकल रही मौत की गैस, सड़क धंसी, 500 से ज्यादा परिवारों पर मंडराया खतरा
News India Live, Digital Desk: कोयला राजधानी धनबाद के केंदुआडीह इलाके में स्थिति भयावह हो गई है। पिछले दो दिनों से धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग के धंसने के बाद अब वहां से बड़े पैमाने पर जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया है। भूमिगत आग (Underground Fire) की तपिश और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसों के रिसाव ने आसपास रहने वाले 500 से अधिक परिवारों की जान जोखिम में डाल दी है। जिला प्रशासन और बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन ने संयुक्त निरीक्षण के बाद स्पष्ट कर दिया है कि पूरा इलाका अब 'डेंजर जोन' है और लोगों को तुरंत हटाना ही एकमात्र विकल्प बचा है।
धंसी सड़क से उबल रही है 'आग'
बुधवार को केंदुआडीह में धनबाद-बोकारो मार्ग का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया था। गुरुवार सुबह से ही उस धंसे हुए हिस्से से घना धुआं और तीखी गैस निकलने लगी।
खौफ का माहौल: गैस का रिसाव इतना तेज है कि आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन महसूस हो रही है।
सड़क बंद: सुरक्षा के मद्देनजर धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया गया है और रूट डायवर्ट करने की तैयारी चल रही है।
डीसी और सीएमडी ने किया दौरा: 'शिफ्टिंग ही अंतिम विकल्प'
हालात की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के उपायुक्त (DC) आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार और बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
535 परिवार चिन्हित: प्रशासन ने खतरे की जद में आए 535 परिवारों की पहचान की है। डीसी ने दो-टूक कहा कि भूमिगत आग पर नियंत्रण पाना अब तकनीकी रूप से संभव नहीं लग रहा है, इसलिए इन परिवारों को अविलंब बेलगड़िया टाउनशिप में शिफ्ट किया जाएगा।
थाना भी होगा शिफ्ट: भू-धंसान का खतरा इतना बढ़ गया है कि केंदुआडीह पुलिस स्टेशन को भी सोमवार तक पुरानी बीएसएनएल बिल्डिंग में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्यों बेकाबू हो रही है स्थिति?
आईआईटी (ISM) धनबाद, डीजीएमएस (DGMS) और सिंफर (CIMFR) जैसी विशेषज्ञ संस्थाओं ने अपनी रिपोर्ट में इस क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील घोषित किया है।
भूमिगत आग का विस्तार: दशकों से झरिया और आसपास के इलाकों में जमीन के नीचे लगी आग अब रिहायशी इलाकों की नींव तक पहुंच गई है।
गैस का रिसाव: जमीन धंसने से दरारें पड़ गई हैं, जिनसे होकर भूमिगत गैसें बाहर आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रिसाव आने वाले समय में और भी तीव्र हो सकता है।
विस्थापितों के लिए क्या है तैयारी?
प्रशासन का दावा है कि बेलगड़िया में शिफ्ट होने वाले परिवारों को 'झरिया मास्टर प्लान 2.0' के तहत दो-दो फ्लैट दिए जाएंगे। वहां बिजली, पानी, स्कूल और कौशल विकास केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। हालांकि, कई ग्रामीण अपनी पुश्तैनी जमीन छोड़ने को लेकर अब भी हिचकिचा रहे हैं, जिन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है।