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March 15 2026 01:28 am

झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला अब राज्य में घूमना होगा महंगा, पर्यटकों पर लगेगा 2% से 5% तक टूरिस्ट टैक्स

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News India Live, Digital Desk: झारखंड सरकार ने राज्य के राजस्व को बढ़ाने और पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'सिटी टूरिस्ट टैक्स' के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। अब झारखंड के होटलों, रिसॉर्ट्स और होम-स्टे में रुकने वाले पर्यटकों को अपने रूम रेंट के अलावा एक अतिरिक्त कर (Tax) देना होगा।

कैबिनेट के फैसले की मुख्य बातें:

राज्य सरकार ने पर्यटन नीति में बदलाव करते हुए टैक्स की दरों को होटल की श्रेणियों के आधार पर विभाजित किया है:

टैक्स की दरें (2% से 5%): * सामान्य और बजट होटलों के लिए यह टैक्स 2% के करीब हो सकता है।

लग्जरी रिसॉर्ट्स और थ्री-स्टार या उससे ऊपर की श्रेणी वाले होटलों के लिए यह दर 5% तक जा सकती है।

कहां लागू होगा?: यह नियम राज्य के सभी नगर निगम क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटन केंद्रों (जैसे रांची, देवघर, जमशेदपुर और धनबाद) पर प्रभावी होगा।

फंड का उपयोग: कैबिनेट ने स्पष्ट किया है कि इस टैक्स से मिलने वाली राशि का उपयोग विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्रों में सुरक्षा (Tourist Police), स्वच्छता और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाएगा।

पर्यटन उद्योग पर क्या होगा असर?

सरकार के इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं:

सरकार का पक्ष: झारखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं (जैसे जलप्रपात, धार्मिक स्थल और वन्यजीव)। इन स्थलों को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने के लिए अतिरिक्त फंड की आवश्यकता है, जो इस टैक्स से पूरी होगी।

व्यापारियों की चिंता: होटल एसोसिएशन और टूर ऑपरेटर्स का मानना है कि अचानक टैक्स बढ़ने से मध्यम वर्गीय पर्यटकों की संख्या में कमी आ सकती है, जिससे छोटे व्यापारियों को नुकसान होने की आशंका है।

कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:

टूरिस्ट टैक्स के अलावा कैबिनेट ने कुछ और अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई है:

स्थानीय निकायों को मजबूती: नगर निगमों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें कुछ अतिरिक्त शुल्क वसूलने के अधिकार दिए गए हैं।

रोजगार सृजन: पर्यटन क्षेत्र में नई परियोजनाओं के जरिए स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई है।