NPS के नियमों में बड़ा बदलाव: PFRDA ने कॉरपोरेट स्कीम को दो हिस्सों में बांटा, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर?
नई दिल्ली: पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। 10 मार्च 2026 को जारी नए सर्कुलर के अनुसार, अब NPS की कॉरपोरेट स्कीम को दो अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत कर दिया गया है। यह बदलाव 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी और निजी क्षेत्र की संस्थाओं के लिए शुल्क संरचना (Charge Structure) और प्रबंधन को अधिक स्पष्ट बनाना है।
कॉरपोरेट स्कीम का नया वर्गीकरण: सरकारी और गैर-सरकारी
PFRDA ने मौजूदा कॉरपोरेट कैटेगरी को अब निम्नलिखित दो हिस्सों में बांट दिया है:
सरकारी संस्थाएं (Government Entities): इसमें वे सभी संगठन आएंगे जो केंद्र या राज्य सरकार के नियंत्रण में हैं, जैसे CPSEs, SPSEs और वैधानिक निकाय।
गैर-सरकारी कानूनी संस्थाएं (Legal Entities Other than Government): इस श्रेणी में निजी कंपनियां और अन्य गैर-सरकारी संस्थाएं शामिल होंगी।
सरकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत
नए नियमों के मुताबिक, जो संस्थाएं सरकारी मॉडल के विस्तारित हिस्से के रूप में काम करती हैं, उन्हें अब किसी Point of Presence (PoP) के जरिए टैग नहीं किया जाएगा। इसका सीधा फायदा कर्मचारियों को मिलेगा, क्योंकि उन पर PoP से जुड़े अतिरिक्त चार्ज लागू नहीं होंगे। इससे सरकारी उपक्रमों के कर्मचारियों के पेंशन फंड में बचत की संभावना बढ़ेगी।
NPS चार्जेस में बदलाव: जानें अब कितना लगेगा शुल्क?
PFRDA ने गैर-सरकारी संस्थाओं और आम नागरिकों के लिए शुल्क संरचना में भी संशोधन किया है:
AUM चार्ज: गैर-सरकारी संस्थाओं के कर्मचारियों के लिए सालाना शुल्क कुल संपत्ति (AUM) का 0.20% तय किया गया है। यह NAV के जरिए एडजस्ट होगा, हालांकि निष्क्रिय (Dormant) खातों पर यह नहीं लगेगा।
ऑनबोर्डिंग चार्ज: नया खाता खोलने पर एक बार ₹200 का शुल्क देना होगा। डिजिटल माध्यम से खाता खोलने पर यह शुल्क घटकर ₹100 तक हो सकता है।
न्यूनतम योगदान: 'ऑल सिटिजन मॉडल' में खाता खोलते समय कम से कम ₹250 और बाद में न्यूनतम ₹10 का निवेश अनिवार्य होगा।
e-NPS यूजर्स के लिए खुशखबरी
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए PFRDA ने स्पष्ट किया है कि जो निवेशक e-NPS प्लेटफॉर्म के जरिए अपना खाता खोलते हैं और भविष्य में भी उसी के माध्यम से निवेश जारी रखते हैं, उन्हें PoP से जुड़े किसी भी प्रकार के चार्जेस नहीं देने होंगे। यह उन निवेशकों के लिए एक किफायती विकल्प है जो सीधे ऑनलाइन निवेश करना पसंद करते हैं।