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March 13 2026 12:46 am

EPFO का बड़ा फैसला: अब बिना आवेदन के वापस मिलेगा पीएफ का पैसा, 8 करोड़ कर्मचारियों के लिए शुरू हुआ खास 'ऑटोमैटिक' सिस्टम

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नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों अंशधारकों को बड़ी राहत देते हुए एक क्रांतिकारी पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। अब छोटे और इनऑपरेटिव (Inoperative) पीएफ खातों में फंसा पैसा निकालने के लिए कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही कोई फॉर्म भरना होगा। ईपीएफओ अब खुद पहल करके पात्र सदस्यों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य क्लेम सेटलमेंट में होने वाली देरी को खत्म करना और लावारिस पड़े फंड को उसके असली हकदार तक पहुंचाना है।

1000 रुपये तक का बैलेंस खुद होगा क्रेडिट

ईपीएफओ की 239वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार, पहले चरण में उन खातों को निशाना बनाया गया है जिनमें 1,000 रुपये या उससे कम की राशि जमा है। नई प्रणाली के तहत, ईपीएफओ इन खातों के लिए ऑटोमैटिक क्लेम प्रोसेस शुरू करेगा। इसके लिए खाताधारक को औपचारिक विड्रॉल रिक्वेस्ट (निकासी अनुरोध) देने की जरूरत नहीं होगी। पहले फेज में लगभग 1.33 लाख खातों की पहचान की गई है, जिनमें कुल 5.68 करोड़ रुपये जमा हैं।

क्या होते हैं इनऑपरेटिव अकाउंट?

ईपीएफ नियमों के मुताबिक, यदि किसी सदस्य के 55 वर्ष के होने या रिटायरमेंट की तारीख के बाद लगातार तीन साल तक खाते में कोई अंशदान (Contribution) जमा नहीं होता है, तो उस खाते को 'इनऑपरेटिव' या निष्क्रिय मान लिया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2025 तक देश में ऐसे 31.83 लाख खाते मौजूद हैं, जिनमें लगभग 10,181 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि बिना किसी दावे के पड़ी हुई है।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम?

पायलट प्रोजेक्ट के तहत, ईपीएफओ सदस्यों के उन बैंक खातों का उपयोग करेगा जो आधार (Aadhaar) से लिंक्ड हैं और ईपीएफओ रिकॉर्ड में पहले से रजिस्टर्ड हैं। बिना किसी नए दस्तावेज या कागजी कार्रवाई के, राशि सीधे सदस्य के खाते में भेज दी जाएगी। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में 1,000 रुपये से अधिक बैलेंस वाले खातों के लिए भी इसी तरह की सुविधा शुरू की जा सकती है। इससे न केवल डेटा की सटीकता सुधरेगी, बल्कि सर्विस डिलीवरी भी बेहतर होगी।

UPI से निकाल सकेंगे पैसा, सॉफ्टवेयर की खामियां होंगी दूर

केंद्रीय श्रम मंत्रालय यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक और बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अप्रैल 2026 तक एक ऐसा सिस्टम तैयार करने का लक्ष्य है, जिससे लगभग 8 करोड़ सदस्य UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के जरिए सीधे अपने पीएफ खाते से पैसे निकाल सकेंगे। इसके अलावा, ईपीएफओ अपने मौजूदा सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए भी तेजी से काम कर रहा है, ताकि क्लेम रिजेक्शन की दर को कम किया जा सके और फंड तक पहुंच को और भी सरल बनाया जा सके।