पीएम किसान योजना में बड़ा बदलाव, दिवाली जैसा माहौल, सालाना रकम दोगुनी होने की चर्चा तेज़
News India Live, Digital Desk: हमारे देश का किसान, जो धरती का सीना चीर कर अनाज उगाता है, उसके लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर बाज़ार में चर्चा का विषय बनी हुई है। आप सभी पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) के बारे में तो जानते ही हैं। वो योजना जिसके तहत सरकार हर साल किसानों के खाते में 6,000 रुपये भेजती है।
लेकिन अब हवाओं में खबर यह तैर रही है कि मोदी सरकार इस मदद को दोगुना करने का प्लान बना रही है। जी हाँ, 6,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 12,000 रुपये सालाना! अगर ऐसा हुआ, तो यह देश के करोड़ों किसानों के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं होगा।
क्यों हो रही है यह चर्चा?
महंगाई (Inflation) अपने चरम पर है। खाद, बीज, डीजल और ट्रैक्टर का खर्चा लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कई किसान संगठनों और आर्थिक जानकारों का मानना है कि 6,000 रुपये की मदद आज के दौर में थोड़ी कम पड़ रही है।
खबरों की मानें तो आने वाले बजट या किसी खास मौके पर सरकार यह बड़ा ऐलान कर सकती है। हालांकि, अभी तक कोई 'ऑफिशियल लेटर' (आधिकारिक घोषणा) जारी नहीं हुआ है, लेकिन उम्मीद की किरण बहुत चमकदार है।
कैसा होगा नया गणित?
फिलहाल व्यवस्था यह है कि साल में 2000-2000 रुपये की तीन किस्तें आती हैं (कुल 6000 रुपये)।
अगर रकम बढ़कर 12,000 रुपये होती है, तो हो सकता है:
- किस्त की रकम बढ़े: यानी हर किस्त 4000 रुपये की हो जाए।
- किस्तों की संख्या बढ़े: या फिर साल में 3 की जगह 4 बार या उससे ज्यादा पैसा भेजा जाए।
यह पैसा सीधे बैंक खाते में (DBT) आएगा, जिससे बिचौलियों का कोई खेल नहीं रहेगा।
महाराष्ट्र और राजस्थान मॉडल?
आपको बता दें कि महाराष्ट्र (नमो शेतकरी योजना) और राजस्थान जैसे राज्यों में राज्य सरकारें अपनी तरफ से भी किसानों को एक्स्ट्रा पैसा देती हैं, जिससे वहां कुल मदद 12,000 तक पहुँच जाती है। अब केंद्र सरकार इसे पूरे देश (National Level) पर लागू करने पर विचार कर रही है ताकि यूपी, बिहार और एमपी के किसानों को भी वही फायदा मिले।
फिलहाल क्या करें? (Action Plan)
जब तक ऐलान नहीं होता, तब तक आप अपना काम दुरुस्त रखें।
- e-KYC: अगर आपकी ई-केवाईसी नहीं हुई है, तो तुरंत करवा लें, वरना बढ़ी हुई रकम तो दूर, पुरानी 2000 वाली किस्त भी अटक सकती है।
- भू-सत्यापन (Land Verification): यह सुनिश्चित कर लें कि आपका आधार और बैंक खाता लिंक हो।
यह खबर अभी "पाइपलाइन" में है, लेकिन अगर यह सच होती है, तो खेती-किसानी करने वाले हर परिवार के चेहरे पर मुस्कान ज़रूर आएगी। हमारी नज़र इस खबर पर बनी हुई है, जैसे ही कोई पक्की मुहर लगेगी, हम आपको सबसे पहले बताएंगे।