Big Blow from Amazon : 1 अक्टूबर से बंद हो जाएगी प्राइम मेंबरशिप शेयरिंग

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News India Live, Digital Desk: अगर आप भी अपने दोस्त या परिवार के किसी सदस्य की अमेज़न प्राइम मेंबरशिप का फायदा उठा रहे हैं, तो आपके लिए एक बुरी खबर है. अमेज़न ने अपनी प्राइम मेंबरशिप शेयरिंग की सुविधा को बंद करने का ऐलान कर दिया है. 1 अक्टूबर 2025 से यह नियम पूरी तरह से लागू हो जाएगा, जिसके बाद आप किसी दूसरे की प्राइम मेंबरशिप पर मिलने वाले फायदों, जैसे कि फ्री डिलीवरी, प्राइम वीडियो या प्राइम म्यूजिक का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे.

क्या है यह पूरा मामला?

अभी तक अमेज़न अपने प्राइम मेंबर्स को यह सुविधा देता था कि वे अपने घर के किसी एक और सदस्य को अपने अकाउंट में 'इनवाइट' करके प्राइम मेंबरशिप के फायदे शेयर कर सकते थे. इसका मतलब था कि एक ही मेंबरशिप के पैसे देकर दो लोग अमेज़न की खास सेवाओं का लाभ उठा सकते थे. लेकिन अब कंपनी इस सुविधा को खत्म कर रही है.

यह फैसला उन लाखों यूजर्स के लिए एक बड़ा झटका है जो अपने दोस्तों या परिवार वालों के साथ मिलकर एक ही प्राइम अकाउंट इस्तेमाल करते थे. कंपनी ने अपने प्राइम मेंबर्स को इस बारे में ईमेल भेजकर जानकारी देना भी शुरू कर दिया है.

क्यों लिया अमेज़न ने यह फैसला?

अमेज़न ने इस बदलाव का कोई सीधा कारण तो नहीं बताया है, लेकिन माना जा रहा है कि कंपनी अपने सब्सक्राइबर बेस को बढ़ाना चाहती है. पासवर्ड शेयरिंग की वजह से स्ट्रीमिंग कंपनियों को होने वाले नुकसान की तरह ही, मेंबरशिप शेयरिंग से भी अमेज़न को काफी नुकसान हो रहा था. इस कदम से कंपनी उम्मीद कर रही है कि जो लोग अभी शेयरिंग के जरिए सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे अपनी खुद की प्राइम मेंबरशिप लेंगे, जिससे कंपनी के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी.

यह नेटफ्लिक्स और डिज़्नी+ हॉटस्टार जैसे प्लेटफॉर्म्स द्वारा उठाए गए कदमों जैसा ही है, जिन्होंने पहले ही पासवर्ड शेयरिंग पर रोक लगा दी है.

अब आपके पास क्या है रास्ता?

1 अक्टूबर 2025 के बाद, अगर आप अमेज़न प्राइम की सेवाओं का लाभ उठाना जारी रखना चाहते हैं, तो आपको अपनी खुद की मेंबरशिप खरीदनी होगी. भारत में अमेज़न प्राइम मेंबरशिप के प्लान इस तरह हैं:

  • मासिक प्लान: 299 रुपये प्रति माह
  • तीन महीने का प्लान: 599 रुपये
  • सालाना प्लान: 1,499 रुपये
  • सालाना लाइट प्लान: 799 रुपये (इसमें कुछ फायदे कम मिलते हैं)

अमेज़न का यह फैसला यकीनन बहुत से लोगों की जेब पर असर डालेगा. अब देखना यह होगा कि इस बदलाव के बाद यूजर्स का क्या रुख रहता है और क्या वे अलग से मेंबरशिप खरीदने में दिलचस्पी दिखाते हैं या नहीं.