हॉस्टल में रह रही आपकी बेटियों की सुरक्षा पर बड़ा एक्शन बिहार महिला आयोग ने पटना DM से क्या पूछा?
News India Live, Digital Desk: पटना में रहने वाली हज़ारों लड़कियों के लिए यह डर सिर्फ किताबी नहीं, बल्कि हकीकत है। हॉस्टलों में रहने वाली छात्राएं अक्सर ख़राब खाने, असुरक्षित माहौल और साफ-सफाई की कमी की शिकायत करती रही हैं। इसी का संज्ञान लेते हुए बिहार राज्य महिला आयोग अब 'एक्शन मोड' में आ गया है।
डीएम को लिखी गई कड़क चिट्ठी
बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष अश्वमेध देवी ने पटना के जिला मजिस्ट्रेट (DM) को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने साफ़ तौर पर मांग की है कि शहर के प्राइवेट हॉस्टलों और सरकारी लॉज में लड़कियों को मिलने वाली सुविधाओं की गहन जांच की जाए। उन्होंने डीएम से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि आख़िरकार इन जगहों पर लड़कियों की स्थिति कैसी है।
आयोग आखिर किन चीजों से है नाखुश?
अध्यक्ष का मानना है कि सिर्फ छत दे देना काफी नहीं है। आयोग ने मुख्य रूप से चार चीजों पर जोर दिया है:
- सुरक्षा (Security): क्या वहां सीसीटीवी (CCTV) और गार्ड की उचित व्यवस्था है?
- साफ पानी (Clean Drinking Water): क्या लड़कियों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है या नहीं?
- खाने की क्वालिटी (Food Quality): हॉस्टलों के मेस में परोसा जाने वाला खाना कितना सेहतमंद है?
- साफ-सफाई (Hygiene): रहने के कमरे और वॉशरूम की स्थिति क्या वाकई इस्तेमाल के लायक है?
हॉस्टल मालिकों की बढ़ सकती है टेंशन
पटना में कई ऐसे निजी हॉस्टल चल रहे हैं जो भारी भरकम किराया तो वसूलते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर वहां कुछ खास नहीं मिलता। महिला आयोग की इस पहल से अब उन हॉस्टल मालिकों पर शिकंजा कसा जा सकता है जो सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों की अनदेखी करते हैं। आयोग का मानना है कि हमारी बेटियां घर से दूर रहकर कड़ी मेहनत कर रही हैं, ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें घर जैसा सुरक्षित और स्वस्थ माहौल मिले।
आगे क्या होगा?
आयोग ने डीएम से उम्मीद जताई है कि वो एक विशेष टीम बनाकर इन जगहों का अचानक निरीक्षण करवाएं। अब देखना ये है कि इस जांच में क्या सच्चाई सामने आती है। अगर कमियाँ पाई जाती हैं, तो यकीनन इन हॉस्टलों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
आपकी इस पर क्या राय है? क्या आपको भी लगता है कि पटना के हॉस्टलों की स्थिति वाकई चिंताजनक है? क्या आपके परिवार की किसी सदस्य को भी ऐसी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है? अपनी राय हमें कमेंट्स में जरूर बताएं!