राजस्थान ATS का बड़ा एक्शन ,जासूसी के शक में मौलवी गिरफ्तार, मोबाइल में मिले राज़?

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News India Live, Digital Desk : देश की सुरक्षा से बढ़कर कुछ नहीं है, लेकिन दुश्मन देश अपनी चालबाजियों से बाज नहीं आता। राजस्थान के जैसलमेर जिले में बीती रात कुछ ऐसा ही हुआ जिसने खुफिया तंत्र (Intelligence Agencies) को चौकन्ना कर दिया है।

आधी रात को एक्शन
खबर मिली है कि राजस्थान एटीएस (ATS) और मिलिट्री इंटेलिजेंस को इनपुट मिला था कि शहर में कोई बाहरी व्यक्ति संदिग्ध तरीके से रह रहा है और उसकी गतिविधियां सामान्य नहीं हैं। सूचना पक्की थी, इसलिए देर रात को ही टीम एक्टिव हो गई। जैसलमेर शहर के एक इलाके से टीम ने एक व्यक्ति को हिरासत में (Detain) लिया है।

कौन है यह शख्स?
जो जानकारी छनकर आ रही है, उसके मुताबिक पकड़ा गया व्यक्ति एक मौलवी है और वह राजस्थान का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश (UP) का रहने वाला है। अब सवाल यह उठ रहा है कि यूपी का रहने वाला एक मौलवी देश के सबसे संवेदनशील बॉर्डर जिले में क्या कर रहा था? बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से यहाँ रह रहा था, लेकिन उसका असल मकसद क्या था, यही जांच का विषय है।

'दाल में कुछ काला है'
सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह मामला जासूसी (Spying) से जुड़ा हो सकता है। क्या यह शख्स सीमा पार यानी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के संपर्क में था? क्या वह फौजी ठिकानों की जानकारी साझा कर रहा था? फ़िलहाल, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

उसे पकड़ने के बाद पूछताछ के लिए संयुक्त पूछताछ केंद्र (Joint Interrogation Center - JIC) ले जाया जा सकता है, जहाँ एटीएस के अलावा आईबी (IB) और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) के अधिकारी भी उससे कड़ाई से पूछताछ करेंगे।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे कांड
जैसलमेर और बाड़मेर जैसे जिलों में पहले भी कई बार 'स्लीपर सेल्स' या जासूस पकड़े गए हैं जो हनीट्रैप या पैसों के लालच में देश की जानकारी लीक करते हैं। मौलवी का मोबाइल और अन्य दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

फिलहाल, जांच चल रही है और एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन इस गिरफ्तारी ने यह तो साफ़ कर दिया है कि हमारे सुरक्षा बल दिन हो या रात, हमेशा जागते रहते हैं।