चाइना डोर से पतंग उड़ाने वाले सावधान लुधियाना में अब नहीं चलेगा जानलेवा शौक, ADM ने जारी किए आदेश
News India Live, Digital Desk : पंजाब में लोहड़ी और बसंत पंचमी का त्योहार बिना पतंगबाजी के अधूरा सा लगता है। आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भरने को तैयार है, लेकिन इस उत्साह के बीच एक खतरा ऐसा है जो हर साल किसी न किसी घर का चिराग बुझा देता है वो है 'चाइना डोर' या प्लास्टिक मांझा। इस बार, लुधियाना प्रशासन ने तय किया है कि त्योहार की खुशी को मातम में नहीं बदलने दिया जाएगा।
लुधियाना के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) ने एक सख्त आदेश जारी करते हुए पूरे जिले में सिंथेटिक, नायलॉन, प्लास्टिक या शीशे/धातु की परत वाले मांझे की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
साफ चेतावनी: सिर्फ बेचना ही नहीं, उड़ाना भी गुनाह
अक्सर लोग सोचते हैं कि पुलिस सिर्फ दुकानदारों को पकड़ेगी, लेकिन इस बार नियम सबके लिए है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चाइना डोर बनाना, बेचना, गोदाम में रखना और यहाँ तक कि उससे पतंग उड़ाना सब गैरकानूनी है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत ये आदेश जारी किए गए हैं।
आखिर क्यों इसे कहा जाता है 'खूनी डोर'?
हम सब जानते हैं कि यह डोर कितनी खतरनाक है। यह आसानी से टूटती नहीं है और इतनी धारदार होती है कि किसी बाइक सवार का गला रेत सकती है या किसी राहगीर को गंभीर चोट पहुँचा सकती है। इंसानों के साथ-साथ यह बेजुबान पक्षियों के लिए भी काल बन जाती है। आए दिन पेड़ों या तारों में फँसे पक्षी इस डोर से कटकर जान गंवा बैठते हैं। साथ ही, यह डोर बिजली की सुचालक (conductor) होती है, जिससे पतंग उड़ाने वाले बच्चों को करंट लगने का खतरा भी बना रहता है।
पुलिस की पैनी नजर
आदेश में कहा गया है कि यह पाबंदी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और अगले आदेशों तक जारी रहेगी। लुधियाना पुलिस अब बाजारों और मोहल्लों में खास नजर रखेगी।
प्रशासन की यह पहल सिर्फ कानून मनवाने के लिए नहीं है, बल्कि हमारी और आपकी सुरक्षा के लिए है। इसलिए, इस लोहड़ी अपनी पतंग के लिए सादे सूती धागे का ही इस्तेमाल करें। याद रखें, चंद रुपयों की सस्ती और पक्की डोर के चक्कर में किसी की जान जोखिम में डालना समझदारी नहीं है। त्योहार खुशियाँ बांटने के लिए है, दर्द देने के लिए नहीं।