B.Ed D.El.Ed New Rule 2026: शिक्षक बनने के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव! 1 साल का बीएड और 4 साल का ITEP बनेगा भविष्य
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। भारत की शिक्षा व्यवस्था में साल 2026 एक बड़े बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इन बदलावों का सबसे बड़ा असर उन युवाओं पर पड़ेगा जो भविष्य में सरकारी या निजी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं। अब पारंपरिक 2-वर्षीय बीएड के साथ-साथ 1-वर्षीय बीएड और 4-वर्षीय एकीकृत (Integrated) कोर्स शिक्षा जगत की नई पहचान होंगे।
1. 1-वर्षीय B.Ed: पीजी डिग्री धारकों के लिए बड़ी राहत
लगभग एक दशक के बाद, 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से एक वर्षीय बीएड (1-Year B.Ed) कार्यक्रम की वापसी हो रही है। यह उन लोगों के लिए 'फास्ट-ट्रैक' रास्ता होगा जो पहले से ही उच्च शिक्षित हैं।
पात्रता: यह कोर्स केवल उन उम्मीदवारों के लिए होगा जिन्होंने परास्नातक (Post-Graduation) या 4-वर्षीय स्नातक (4-Year UG) डिग्री पूरी कर ली है।
फायदा: उच्च शिक्षित युवाओं को अब 2 साल खर्च करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा।
2. 4-वर्षीय ITEP: 12वीं के बाद सीधा शिक्षक बनने का मौका
शिक्षण को अपना पहला करियर विकल्प चुनने वाले छात्रों के लिए एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) शुरू किया गया है।
संरचना: यह 4 साल का कोर्स होगा जो स्नातक (Graduation) और बीएड की डिग्री को एक साथ समाहित करेगा।
भविष्य: NCTE का लक्ष्य है कि भविष्य में शिक्षक बनने का एकमात्र और सबसे मानक रास्ता यही हो। 12वीं पास छात्र सीधे इसमें प्रवेश लेकर एक साल बचा सकेंगे।
3. B.Ed बनाम D.El.Ed: प्राइमरी शिक्षक के लिए कौन है योग्य?
सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त 2023 के ऐतिहासिक फैसले के बाद, योग्यता की स्थिति अब पूरी तरह साफ है:
कक्षा 1 से 5 (प्राइमरी): इस स्तर पर पढ़ाने के लिए बीएड की डिग्री मान्य नहीं होगी। प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए D.El.Ed (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) या प्राथमिक शिक्षा में विशिष्ट 4-वर्षीय कोर्स अनिवार्य है।
कक्षा 6 से ऊपर (माध्यमिक/उच्चतर): माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर के लिए बीएड धारक ही पात्र माने जाएंगे।
4. पारंपरिक पाठ्यक्रमों का क्या होगा?
2-वर्षीय B.Ed: यह फिलहाल बंद नहीं हो रहा है। 3-वर्षीय स्नातक डिग्री वाले छात्रों के लिए यह कोर्स पहले की तरह जारी रहेगा।
B.El.Ed का ट्रांजिशन: पुराने 4-वर्षीय बी.एल.एड (B.El.Ed) जैसे कोर्सेज को अब धीरे-धीरे ITEP में बदला जा रहा है। 2026 के बाद कई संस्थान केवल ITEP मोड में ही प्रवेश देंगे।
नवीन व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं
अनिवार्य इंटर्नशिप: अब हर शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स में 6 महीने की वास्तविक स्कूल इंटर्नशिप को अनिवार्य बनाया जा रहा है ताकि शिक्षकों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके।
दोहरी डिग्री पर रोक: अब अभ्यर्थी एक ही समय में दो अलग-अलग शिक्षक प्रशिक्षण कोर्स (जैसे B.Ed और D.El.Ed एक साथ) नहीं कर पाएंगे।
कठोर मानक: NCTE केवल उन्हीं संस्थानों को मान्यता देगा जो आधुनिक डिजिटल लैब, बाल मनोविज्ञान केंद्र और उच्च स्तरीय अवसंरचना (Infrastructure) के मानकों को पूरा करेंगे।
शिक्षक बनने के लिए अब क्या है सही रास्ता?
| आपकी वर्तमान योग्यता | आपके लिए बेस्ट कोर्स (2026 से) |
|---|---|
| 12वीं पास | 4-वर्षीय ITEP (एकीकृत बीएड) |
| 3-वर्षीय स्नातक | 2-वर्षीय B.Ed |
| 4-वर्षीय स्नातक / PG | 1-वर्षीय B.Ed |
निष्कर्ष: सरकार का मुख्य उद्देश्य 'डिग्री बांटने' वाले निम्न स्तरीय संस्थानों पर लगाम लगाना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षक तैयार करना है। यदि आप शिक्षक बनना चाहते हैं, तो अपनी वर्तमान योग्यता के अनुसार सही पाठ्यक्रम का चुनाव आज ही करें।