यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले सावधान फास्टैग से सीधे कटेगा चालान? जानिए नया नियम

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News India Live, Digital Desk : अगर आप दिल्ली, नोएडा से आगरा या लखनऊ की तरफ जा रहे हैं और यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) आपका पसंदीदा रूट है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। हम सबको चौड़ी सड़कों पर गाड़ी भगाने में मज़ा तो बहुत आता है, लेकिन अब यह 'मज़ा' आपकी जेब के लिए बहुत बड़ी 'सज़ा' बन सकता है।

यमुना प्राधिकरण (YEIDA) और पुलिस प्रशासन ने एक्सप्रेसवे पर नियमों को अब इतना सख्त कर दिया है कि एक छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है।

आखिर नया पंगा क्या है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि पुलिस तो हर जगह खड़ी नहीं हो सकती, तो बीच रास्ते में स्पीड बढ़ा लो, कौन देख रहा है? लेकिन अब आप गलतफहमी में हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर 'ओवरस्पीडिंग' (तेज रफ्तार) रोकने के लिए हाईटेक कैमरों का जाल बिछा दिया गया है।

खबर यह आ रही है कि प्रशासन अब चालान सिस्टम को और एडवांस कर रहा है। चर्चा यह है कि अगर आपकी गाड़ी ओवरस्पीडिंग करती पाई गई, तो उसका चालान सिर्फ कागज़ पर नहीं, बल्कि डिजिटल तरीके से आपके रिकॉर्ड में जुड़ जाएगा। ऐसी तैयारी चल रही है कि भविष्य में यह चालान सीधे आपके फास्टैग (FASTag) या टोल सिस्टम से लिंक हो सकता है।

यानी, जब आप टोल प्लाज़ा से गुजरेंगे, तो सिस्टम पकड़ लेगा कि आपने पीछे नियम तोड़ा है। या तो टोल बैरियर नहीं खुलेगा, या फिर जुर्माना भरने के बाद ही आगे जाने दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है— "बचकर निकलना अब नामुमकिन है।"

कैसे पकड़ी जाएगी आपकी स्पीड?

यह तकनीक बड़ी दिलचस्प है। इसे 'टाइम डिफरेंस' कहते हैं। मान लीजिये आप पॉइंट A (जेवर टोल) से पॉइंट B (मथुरा टोल) तक जाते हैं। अगर आप तय समय से जल्दी दूसरे टोल पर पहुँच गए, तो इसका साफ़ मतलब है कि आपने रस्ते में गाड़ी 100 की स्पीड से ज्यादा भगाई है। बस, कंप्यूटर तुरंत आपका चालान जनरेट कर देगा।

आपकी भलाई के लिए है यह सब

हकीकत यह है कि सर्दियों के मौसम में और आम दिनों में भी यमुना एक्सप्रेसवे पर बहुत खतरनाक एक्सीडेंट्स होते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है टायरों का फटना और बेकाबू रफ़्तार।

अभी कारों के लिए स्पीड लिमिट 100 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 60 किमी/घंटा है। प्रशासन का मकसद चालान काट कर पैसा कमाना नहीं, बल्कि आपकी जान बचाना है। कोहरे (Fog) में तो स्पीड लिमिट को और कम कर दिया जाता है।

मेरी सलाह (My Advice)

दोस्तों, सफर का असली मज़ा तब है जब आप और आपका परिवार सुरक्षित मंजिल पर पहुँचे।

  1. गाड़ी की रफ़्तार 100 के अंदर रखें।
  2. अपने फास्टैग में बैलेंस रखें, लेकिन उसे जुर्माने में कटवाने के लिए नहीं, टोल के लिए।
  3. कैमरों को धोखा देने की कोशिश न करें, क्योंकि वे अब बहुत स्मार्ट हो गए हैं।

तो अगली बार जब एक्सप्रेसवे पर चढ़ें, तो एक्सीलेटर दबाने से पहले अपनी जेब और अपनी सुरक्षा का ख्याल ज़रूर रखें।