सावधान दिल्ली-NCR! सिर्फ सर्दी नहीं, 'जहरीली धुंध' भी इस बार जल्दी देगी दस्तक

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जैसे-जैसे सितंबर का महीना आगे बढ़ रहा है और हल्की-हल्की गुलाबी ठंड महसूस होने लगी है, वैसे-ही दिल्ली-NCR और पूरे उत्तर भारत में रहने वाले लोगों के मन में एक जाना-पहचाना डर लौटने लगा है। यह डर सिर्फ सर्दियों का नहीं, बल्कि सर्दियों के साथ आने वाली उस जानलेवा 'जहरीली धुंध' यानी स्मॉग का है, जो हमारी हवा को सांस लेने लायक भी नहीं छोड़ती।

और इस साल यह डर शायद और भी जल्दी सच होने वाला है।

दुनिया की सबसे बड़ी मौसम संस्था ने दी चेतावनी

दुनिया भर के मौसम पर नजर रखने वाली सबसे बड़ी संस्था, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO), ने एक ऐसी रिपोर्ट जारी की है जिसने सबकी नींदें उड़ा दी हैं। इस रिपोर्ट ने न सिर्फ बढ़ती गर्मी पर चिंता जताई है, बल्कि उत्तर भारत के लिए एक खास और गहरी चिंता भी जाहिर की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मौसम में हो रहे बदलावों की वजह से, दिल्ली, NCR और पूरे गंगा के मैदानी इलाके (उत्तर भारत) में सर्दियों की 'जहरीली धुंध' वक्त से पहले ही आ सकती है

आखिर इसका मतलब क्या है?

इसका सीधा मतलब यह है कि:

  • हवा में घुलने वाला 'जहर' यानी वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से तेजी से बढ़ना शुरू हो जाएगा।
  • सुबह और शाम को स्मॉग की एक मोटी चादर छा जाएगी, जिससे दूर तक देखना मुश्किल होगा और दिन में भी रात जैसा एहसास होगा।
  • बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में भारी दिक्कत हो सकती है। खांसी, आँखों में जलन और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां बढ़ने लगेंगी।

क्यों बन रहे हैं ऐसे हालात?

मौसम के इस बदलते बर्ताव के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं:

  1. पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना: यह सबसे बड़ी वजहों में से एक है। पराली का धुआं सीधे दिल्ली-NCR की हवा में जहर घोलता है।
  2. मौसम का बदलता पैटर्न: हवाएं धीमी हो जाती हैं और नमी बढ़ जाती है, जिस वजह से यह प्रदूषण कहीं और जाने की बजाय हमारे आसपास ही जम जाता है।
  3. गाड़ियों और फैक्ट्रियों का धुआं: यह तो एक सदाबहार वजह है ही।

यह रिपोर्ट सिर्फ एक जानकारी नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी चेतावनी है। अब यह सरकार और हम जनता, सबकी जिम्मेदारी है कि वक्त रहते हम संभल जाएं और इस 'जहरीली धुंध' से अपने शहर और अपने परिवार को बचाने के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, वो करें। क्योंकि जब सांसें ही नहीं बचेंगी तो बाकी सब कुछ बेमानी है।