BCCI vs PCB : क्या टीम इंडिया के पास नहीं है सरकार का मनाही वाला पत्र? पीसीबी के सनसनीखेज दावे ने बढ़ाई आईसीसी की टेंशन
News India Live, Digital Desk: चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन को लेकर पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। न्यूज़18 की रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी के सूत्रों ने दावा किया है कि बीसीसीआई ने आईसीसी को केवल मौखिक (Orally) तौर पर सूचित किया था कि भारत सरकार ने उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी है। पाकिस्तान अब इस मुद्दे को 'हथियार' बनाकर आईसीसी पर दबाव बना रहा है।
1. पीसीबी का दावा: "बीसीसीआई ने नहीं दिया कोई लिखित सबूत"
पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी और अन्य अधिकारियों का तर्क है कि अगर सुरक्षा के आधार पर टीम इंडिया पाकिस्तान नहीं आ रही है, तो बीसीसीआई को उसका 'लिखित प्रमाण' देना चाहिए।
लिखापढ़ी की मांग: पीसीबी ने आईसीसी से मांग की है कि वह बीसीसीआई से भारत सरकार का वह आदेश मांगे जिसमें 'सुरक्षा कारणों' का स्पष्ट उल्लेख हो।
तर्क: पाकिस्तान का कहना है कि जब उन्होंने 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारत का दौरा किया था, तो उन्होंने सभी सरकारी अनुमतियां आईसीसी को दिखाई थीं। ऐसे में बीसीसीआई को भी इसी पारदर्शिता का पालन करना चाहिए।
2. बीसीसीआई का स्टैंड: "यह सरकार का फैसला है"
बीसीसीआई ने हमेशा से यह स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना पूरी तरह से भारत सरकार (GoI) का निर्णय है।
मौखिक सूचना काफी है? बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, उन्होंने आईसीसी को आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया है कि सुरक्षा चिंताओं के कारण टीम यात्रा नहीं करेगी। आईसीसी के नियमों में यह स्पष्ट नहीं है कि बोर्ड को सरकार का आंतरिक पत्र सार्वजनिक करना अनिवार्य है या नहीं।
हाइब्रिड मॉडल: भारत की मांग है कि उसके मैच दुबई या श्रीलंका में कराए जाएं, जिसे पीसीबी 'दोहरा मापदंड' बता रहा है।
3. आईसीसी (ICC) के लिए बढ़ी मुश्किलें
आईसीसी इस समय 'दो पाटों के बीच' फंसी हुई है:
वित्तीय दबाव: भारत के बिना कोई भी आईसीसी टूर्नामेंट व्यावसायिक रूप से विफल हो सकता है।
होस्टिंग राइट्स: पाकिस्तान के पास टूर्नामेंट की मेजबानी के अधिकार हैं। अगर आईसीसी पाकिस्तान के दावों को अनसुना करती है, तो पीसीबी कानूनी कार्रवाई की धमकी दे चुका है।
नया नियम: आईसीसी ने दिसंबर 2024 में 'हाइब्रिड मॉडल' को भविष्य के लिए स्वीकार कर लिया है, लेकिन पाकिस्तान इसे इस विशेष टूर्नामेंट के लिए मानने को तैयार नहीं है।
4. क्या होगा अगर पत्र नहीं मिला?
अगर बीसीसीआई लिखित पत्र पेश नहीं करता है, तो पाकिस्तान इसे 'खेल में राजनीति' का मुद्दा बनाकर आईसीसी के संविधान की दुहाई दे सकता है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि बीसीसीआई के पास भारत सरकार के साथ हुए पत्राचार का रिकॉर्ड होता है, जिसे वह जरूरत पड़ने पर केवल आईसीसी के शीर्ष अधिकारियों (Jay Shah & others) के साथ साझा कर सकता है, न कि पीसीबी के साथ।