Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर बन रहा है अद्भुत संयोग! जानें सही तारीख, पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और सरल विधि, बरसेगी मां सरस्वती की कृपा

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नई दिल्ली: ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी का पावन पर्व आने वाला है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार बसंत ऋतु के आगमन का भी संदेश लाता है। साल 2026 में यह पर्व 2 फरवरी, सोमवार को मनाया जाएगा, जिससे एक अद्भुत संयोग बन रहा है। इस दिन मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा करने से बुद्धि और विद्या का वरदान मिलता है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के द्वार खुल जाते हैं। आइए जानते हैं पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त, सरल विधि और इस दिन से जुड़ी हर खास बात।

बसंत पंचमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में बसंत पंचमी 2 फरवरी, दिन सोमवार को मनाई जाएगी। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त सुबह सूर्योदय के बाद से लेकर दोपहर तक रहेगा। प्रातः 7 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे के बीच का समय मां सरस्वती की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस दौरान वातावरण में सात्विकता होती है और मंत्रों का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है, जिससे पूजा का शीघ्र फल प्राप्त होता है।

घर पर सरस्वती पूजा की सबसे सरल विधि
आप बिना किसी जटिलता के घर पर ही मां सरस्वती की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इस सरल विधि का पालन करें:

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • मां को पीले फूल, विशेषकर गेंदे के फूलों की माला अर्पित करें। साथ ही रोली, चंदन, और अक्षत से तिलक करें।
  • ज्ञान की देवी को केसर युक्त खीर, बेसन के लड्डू या किसी अन्य पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं।
  • घी का एक दीपक जलाएं और पूरी श्रद्धा के साथ "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • इसके बाद सरस्वती चालीसा का पाठ करें और अंत में कपूर से आरती करके प्रसाद सभी में वितरित करें।
  • इस दिन बच्चों की किताबों, कलम या संगीत वाद्ययंत्रों को भी मां के चरणों में रखकर आशीर्वाद लेना चाहिए।

क्यों खास है पीला रंग?
बसंत पंचमी पर पीले रंग का विशेष महत्व है। यह रंग ज्ञान, ऊर्जा, सकारात्मकता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। बसंत ऋतु में धरती भी सरसों के पीले फूलों से श्रृंगार करती है। इस दिन पीले वस्त्र पहनने, पीले भोजन का सेवन करने और पूजा में पीली वस्तुओं का उपयोग करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। यह रंग मन में उत्साह और उल्लास का संचार करता है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
मां सरस्वती की पूर्ण कृपा पाने के लिए इस दिन कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस दिन भूलकर भी तामसिक भोजन (मांसाहार, लहसुन-प्याज) का सेवन न करें। किसी से क्रोध या अपशब्दों का प्रयोग करने से बचें। अपनी वाणी पर संयम रखें और ब्रह्मचर्य का पालन करें। जरूरतमंद छात्रों को कॉपी, किताब या कलम का दान करने से मां सरस्वती अत्यंत प्रसन्न होती हैं और करियर में सफलता का आशीर्वाद देती हैं।