Baghpat Suicide Case: 'पापा माफ कर देना, मैं पढ़ना चाहती थी...' बागपत में 8वीं की छात्रा ने दी जान, सुसाइड नोट पढ़कर रो पड़ा हर कोई

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बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक दिल दहला देने वाली और आंखों को नम कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां के निवाड़ा गांव में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक मासूम छात्रा ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मौत को गले लगाने से पहले इस बच्ची ने अपनी जेब में जो सुसाइड नोट छोड़ा, उसके शब्दों ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। 'पापा मुझे माफ कर देना... मैं पढ़ना चाहती थी'—बेटी के इन आखिरी शब्दों ने न सिर्फ परिवार को जिंदगी भर का दर्द दे दिया है, बल्कि समाज की सोच पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबको अपने हाथों से पिलाई चाय, फिर हमेशा के लिए सो गई लाडली

बागपत कोतवाली क्षेत्र के निवाड़ा गांव में हुई इस मार्मिक घटना का घटनाक्रम भी बेहद रुला देने वाला है। परिजनों के भारी मन से दी गई जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन छात्रा घर में बिल्कुल सामान्य लग रही थी। उसने घर के सभी सदस्यों के लिए अपने हाथों से चाय बनाई और सबको पिलाई भी। इसके बाद उसने परिजनों से कहा कि उसे बहुत नींद आ रही है और वह अपने कमरे में सोने जा रही है। परिवार वालों ने इसे सामान्य थकान समझा और उसे आराम करने दिया। लेकिन करीब एक घंटे बाद जब घरवाले उसे जगाने के लिए कमरे में गए, तो वह वहां बेसुध अवस्था में मिली और फिर कभी नहीं उठी।

'मैंने माफी मांगी, लेकिन किसी ने मेरी नहीं सुनी...'

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बदहवास परिजन बच्ची को तुरंत बागपत के जिला अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। छात्रा की जेब से जो सुसाइड नोट बरामद हुआ, वह इस दर्दनाक फैसले की असली वजह और उसकी मानसिक पीड़ा को बयां कर रहा था। छात्रा ने अपने आखिरी खत में लिखा, "मैंने गलती की थी, मुझे अपनी गलती का पछतावा था। मैंने सबसे माफी भी मांगी, लेकिन किसी ने मेरी एक नहीं सुनी। मुझे आगे की पढ़ाई करनी थी, पर सबने मुझे मना कर दिया। इसलिए अब मैं जीना नहीं चाहती। पापा मुझे माफ कर देना।" इन चंद लाइनों ने एक बेटी की उस घुटन को उजागर कर दिया, जिसे शायद जीते जी कोई समझ नहीं पाया।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट चुकी थी सांसों की डोर

इस पूरे मामले पर जिला अस्पताल बागपत के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने जानकारी देते हुए बताया कि जब बच्ची को अस्पताल लाया गया था, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा। पुलिस सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर परिजनों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच में जुट गई है।