लैपटॉप पर काम से बढ़ गया है पीठ दर्द? उत्तान मंडूकासन से मिलेगा जादुई आराम जानें इसे करने का सही तरीका
News India Live, Digital Desk : उत्तान मंडूकासन तीन शब्दों से बना है: उत्तान (खींचा हुआ), मंडूक (मेंढक) और आसन। इसे 'अपराइट फ्रॉग पोज़' (Upright Frog Pose) भी कहा जाता है क्योंकि इसकी अंतिम मुद्रा एक ऊपर की ओर देखते हुए मेंढक जैसी होती है।
1. उत्तान मंडूकासन करने की सही विधि (Steps)
शुरुआत: सबसे पहले जमीन पर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं (घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठें)।
घुटनों को फैलाएं: अब अपने दोनों घुटनों को जितना हो सके बाहर की ओर फैलाएं, लेकिन ध्यान रहे कि आपके दोनों पैरों के अंगूठे आपस में जुड़े रहें।
हाथों की स्थिति: सांस भरते हुए अपने दाहिने (Right) हाथ को ऊपर उठाएं और उसे पीछे ले जाकर अपनी बाईं (Left) कंधे की हड्डी (Shoulder Blade) पर रखें।
इसी तरह बाएं हाथ को ऊपर उठाकर दाहिने कंधे की हड्डी पर रखें। अब आपके हाथ सिर के पीछे एक 'X' क्रॉस बनाएंगे।
पोस्चर: अपनी रीढ़ की हड्डी और गर्दन को बिल्कुल सीधा रखें और सामने की ओर देखें।
समय: इस स्थिति में 30 सेकंड से 1 मिनट तक सामान्य सांस लेते हुए रुकें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में वापस आएं।
2. इस आसन के जबरदस्त फायदे (Benefits)
पीठ और गर्दन का दर्द: यह आसन रीढ़ की हड्डी (Spine) को स्ट्रेच करता है, जिससे लोअर बैक पेन और सर्वाइकल के दर्द में राहत मिलती है।
फेफड़ों की क्षमता: हाथों को ऊपर खींचने से सीना (Chest) चौड़ा होता है, जिससे फेफड़ों में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और श्वसन तंत्र मजबूत होता है।
कंधों की जकड़न: घंटों डेस्क पर काम करने से होने वाली कंधों की अकड़न को यह तुरंत दूर करता है।
पाचन और बेली फैट: यह पेट की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे पाचन तंत्र सुधरता है और पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है।
3. सावधानियां (Precautions)
घुटनों का दर्द: यदि आपको घुटनों में गंभीर दर्द या गठिया (Arthritis) है, तो इस आसन को करने से बचें।
हर्निया या पीठ की गंभीर चोट: हाल ही में पीठ की सर्जरी हुई हो या हर्निया की शिकायत हो, तो इसे विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।
गर्भावस्था: गर्भवती महिलाओं को इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।