फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग हमलावर गिरफ्तार ,जम्मू में हुए हमले के बाद सुरक्षा पर खड़े किए बड़े सवाल
News India Live, Digital Desk : बुधवार रात जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह के दौरान 63 वर्षीय एक व्यक्ति, जिसकी पहचान कमल सिंह जमवाल के रूप में हुई है, ने फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाकर फायरिंग की।
कैसे बची जान? फारूक अब्दुल्ला के अनुसार, हमलावर बिल्कुल उनके करीब (उनकी गर्दन के पीछे तक) पहुँच गया था। जैसे ही उसने गोली चलाने की कोशिश की, वहां तैनात NSG और क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) ने फुर्ती दिखाते हुए उसे दबोच लिया। बताया जा रहा है कि एक राउंड फायर हुआ, लेकिन सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप के कारण गोली फारूक अब्दुल्ला को नहीं लगी।
फारूक अब्दुल्ला का बयान: "मैं हैरान हूँ"
गुरुवार सुबह मीडिया से बात करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा:
"मैं पूरी तरह ठीक हूँ और अल्लाह ने मुझे बचा लिया है। मैं नहीं जानता कि उस शख्स (हमलावर) की मंशा क्या थी या वह मुझे क्यों निशाना बनाना चाहता था। मैं उसे नहीं जानता। यह सुरक्षा में चूक है या कुछ और, यह बड़ी बात है क्योंकि वहां कई हस्तियां थीं लेकिन पुलिस की मौजूदगी कम थी।"
उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 'X' पर पोस्ट करते हुए इसे 'वेरी क्लोज शेव' (बाल-बाल बचना) बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक Z+ सुरक्षा प्राप्त नेता के इतने करीब कोई हथियारबंद व्यक्ति कैसे पहुँच सकता है? उन्होंने इसे सुरक्षा की एक बड़ी विफलता करार दिया है।
जांच और आरोपी का बैकग्राउंड
गिरफ्तारी: आरोपी कमल सिंह जमवाल को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया और फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है।
बड़ा खुलासा: शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि वह पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को निशाना बनाने की फिराक में था। पुलिस अब उसके व्यक्तिगत रिकॉर्ड और किसी संगठन से जुड़ाव की जांच कर रही है।
राजनीतिक माहौल: जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस घटना की निंदा करते हुए उपराज्यपाल (LG) प्रशासन से सुरक्षा की समीक्षा करने की मांग की है।