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March 20 2026 08:49 pm

चित्तौड़गढ़ में मधुमक्खियों का काल बनकर टूटा कहर, अंतिम संस्कार के दौरान हमला, 2 की मौत और 50 घायल

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान के पारसोली गांव में पिछले 48 घंटों में कुदरत का एक खौफनाक रूप देखने को मिला। जिस मधुमक्खी के हमले से एक बुजुर्ग की मौत हुई, उसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोगों पर मधुमक्खियों ने दोबारा हमला कर दिया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रशासन को PPE किट पहनकर अंतिम संस्कार संपन्न कराना पड़ा।

1. पहली घटना: पूजा के दौरान हमला

पीड़ित: 80 वर्षीय जमनालाल (उर्फ जमनेश), निवासी पारसोली।

घटना: मंगलवार (17 मार्च 2026) को जमनालाल पास के कितियास गांव में एक हवन/पूजा अनुष्ठान में शामिल होने गए थे। वहां अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ बुधवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया।

2. दूसरी घटना: श्मशान घाट पर 'डबल अटैक'

बुधवार सुबह जब ग्रामीण और परिजन जमनालाल के शव को लेकर पारसोली मोक्षधाम (श्मशान घाट) पहुँचे, तो त्रासदी ने दोबारा दस्तक दी:

अचानक हमला: अभी अंतिम संस्कार की तैयारियां चल ही रही थीं कि अचानक मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने वहां मौजूद 100 से अधिक लोगों पर हमला बोल दिया।

मची भगदड़: लोग जान बचाने के लिए शव को वहीं छोड़कर इधर-उधर भागने लगे। कई लोग पास के खेतों और झाड़ियों में छिप गए, लेकिन मधुमक्खियों ने पीछा नहीं छोड़ा।

एक और मौत: इस दूसरे हमले में 80 वर्षीय भवानी शंकर पंड्या को करीब 20 से अधिक डंक लगे। उन्हें तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

3. प्रशासन की कार्रवाई: PPE किट में अंतिम संस्कार

शमशान घाट पर मधुमक्खियों का आतंक इतना ज्यादा था कि कोई भी शव के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।

सुरक्षित समाधान: अंततः पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विशेष सावधानी बरती। कर्मचारियों को PPE किट (Personal Protective Equipment) पहनाकर श्मशान भेजा गया।

अंतिम विदाई: पूरी तरह सुरक्षित घेरे में, सीमित लोगों की मौजूदगी में जमनालाल का अंतिम संस्कार विधि-विधान से संपन्न कराया गया।

4. घायलों का हाल

इस हमले में कुल 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

इनमें से 7 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका उपचार चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल के विशेष वार्ड में चल रहा है। बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।

सावधानी बरतें (Expert Advisory):

धुएं से बचें: मधुमक्खियों के छत्ते के पास आग जलाने या धुआं करने से वे आक्रामक हो सकती हैं।

शोर और हलचल: छत्ते के पास तेज आवाज या अचानक हलचल न करें।

हमले के समय: यदि मधुमक्खियां हमला कर दें, तो चेहरा ढककर किसी अंधेरे कमरे या सुरक्षित स्थान की ओर भागें। पानी में कूदना भी एक विकल्प हो सकता है।