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April 18 2026 12:56 am

कुर्सी के मोह ने नैतिकता को मारा ,रोहिणी आचार्य का नीतीश कुमार और नई सरकार पर तीखा प्रहार

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News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में मचे घमासान के बीच लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए नीतीश कुमार और नवनियुक्त सम्राट चौधरी सरकार पर तीखा हमला बोला है। नीतीश कुमार के इस्तीफे और भाजपा के नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन के बाद पटना की सड़कों पर लगे पोस्टरों को लेकर रोहिणी ने सिलसिलेवार तरीके से तंज कसे हैं, जिसे सियासी गलियारों में काफी चर्चा मिल रही है।

“पलटू राम का नया अवतार” रोहिणी का सीधा हमला

रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार के बार-बार पाला बदलने की प्रवृत्ति पर निशाना साधते हुए उन्हें 'सिद्धांतविहीन' राजनीति का प्रतीक बताया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि कुर्सी के प्रति मोह ने बिहार की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। रोहिणी ने आरोप लगाया कि जिस नीतीश कुमार ने कभी 'मिट्टी में मिल जाने' की बात कही थी, आज वे उसी भाजपा की गोद में बैठकर अपनी बची-कुची राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

पोस्टरों की सियासत पर कसा तंज

पटना में नई सरकार के स्वागत में लगे बड़े-बड़े पोस्टरों, जिनमें सम्राट चौधरी को 'नायक' के रूप में पेश किया गया है, पर रोहिणी ने चुटकी लेते हुए कहा:

"पोस्टर से चेहरा चमक सकता है, चरित्र नहीं": उन्होंने तंज कसा कि विज्ञापनों और पोस्टरों के जरिए विकास के झूठे दावे किए जा रहे हैं, जबकि बिहार की जनता असलियत जानती है।

सम्राट चौधरी की 'मुरेठा' वाली प्रतिज्ञा: रोहिणी ने सम्राट चौधरी को याद दिलाया कि उनकी प्रतिज्ञा नीतीश कुमार को हटाने की थी, लेकिन अब वे उन्हीं की पार्टी के साथ सत्ता का सुख भोग रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब 'मुरेठा' (पगड़ी) खोलकर नैतिकता की बलि दे दी गई है?

'जनता देगी करारा जवाब'

राजद की ओर से मोर्चा संभालते हुए रोहिणी ने दावा किया कि बिहार की जनता इस 'विश्वासघात' को कभी नहीं भूलेगी। उन्होंने तेजस्वी यादव के 'रोजगार मॉडल' की तुलना भाजपा के 'बुलडोजर मॉडल' से करते हुए कहा कि युवाओं को नौकरी चाहिए, न कि नफरत और दिखावे की राजनीति। रोहिणी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि आने वाले चुनावों में जनता इस अनैतिक गठबंधन को सबक सिखाएगी।

सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग

रोहिणी आचार्य के इन हमलों के बाद भाजपा और जेडीयू समर्थकों ने भी पलटवार किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि रोहिणी बिहार की जमीनी हकीकत से दूर सिंगापुर में बैठकर केवल ट्वीट करना जानती हैं। वहीं, राजद समर्थकों का मानना है कि रोहिणी के शब्द बिहार के उन करोड़ों लोगों की आवाज हैं जो इस राजनीतिक उलटफेर से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।