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April 18 2026 08:38 pm

ट्रेन से आते थे ATM और सिम कार्ड... जामताड़ा का 'नया अड्डा', यहां 2500 रु में मिलता है ठगी का पूरा 'पैकेज'!

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"आपके खाते का KYC अपडेट कराना है... अपना OTP बताइएगा...", "आप जीत चुके हैं 25 लाख की लॉटरी..." - इस तरह के फोन कॉल्स कहां से आते हैं, इसका जवाब अब पूरा देश जानता है - जामताड़ा! लेकिन अब इस 'साइबर ठगी की राजधानी' ने अपना ठिकाना और काम करने का तरीका दोनों बदल लिया है।

झारखंड के जामताड़ा का करमाटांड़ इलाका अब इन साइबर अपराधियों का नया और सबसे सुरक्षित अड्डा बन गया है। यहां का नारायणपुर इलाका तो मानो इन ठगों की 'ओपन यूनिवर्सिटी' बन गया हो, जहां हर कोई आपके बैंक खाते को खाली करने की फिराक में बैठा है।

चौंकाने वाला खुलासा: 'ठगी का सामान' ट्रेन से आता है!

हाल ही में पुलिस की छापेमारी में एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने सबके होश उड़ा दिए हैं। अब तक यह माना जाता था कि ये ठग फर्जी दस्तावेजों से सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाते हैं। लेकिन अब पता चला है कि यह पूरा नेटवर्क कहीं ज्यादा बड़ा और संगठित है।

पुलिस ने पाया कि ठगी में इस्तेमाल होने वाले फर्जी सिम कार्ड और ATM कार्ड्स के बंडल के बंडल ट्रेन के जरिए बिहार और पश्चिम बंगाल से जामताड़ा पहुंचाए जाते हैं।

₹2500 में 'साइबर फ्रॉड' का पूरा सेटअप!

यह नेटवर्क इतना पेशेवर है कि यहां आपको ठगी करने के लिए दर-दर भटकने की जरूरत नहीं है। यहां आपको पूरा 'पैकेज' मिलता है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए ठगों से पूछताछ में पाया कि:

  • एक एक्टिवेटेड फर्जी सिम कार्ड और उससे जुड़ा एक ATM कार्ड का पूरा सेट 2500 रुपये में बेचा जाता है।
  • यह सिम और ATM कार्ड अक्सर किसी गरीब और भोले-भाले व्यक्ति के नाम पर होता है, जिसे कुछ हजार रुपये का लालच देकर फंसाया जाता ਹੈ।
  • धोखेबाज इस खाते का उपयोग लोगों से ठगे गए धन को जमा करने के लिए करते हैं और फिर तुरंत एटीएम से उसे निकाल लेते हैं, ताकि वे कभी पकड़े न जा सकें।

हाल ही में, पुलिस ने छापेमारी में भारी मात्रा में सिम कार्ड, एटीएम, मोबाइल फ़ोन और यहाँ तक कि एक पिस्तौल भी बरामद की है। लेकिन यह इस नेटवर्क का एक छोटा सा हिस्सा मात्र है। जब तक एक गिरोह पकड़ा जाता है, तब तक दस नए गिरोह बन चुके होते हैं।

यह खुलासा दर्शाता है कि जामताड़ा के साइबर ठग कितने ख़तरनाक हो गए हैं और कैसे वे आपकी मेहनत की कमाई लूटने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करने को तैयार हैं। इसलिए, अगली बार जब आपको कोई अनजान कॉल आए, तो 'सावधानी' ही आपका सबसे बड़ा हथियार है।