Astrology Tips : घर में कभी नहीं होगी अन्न-धन की कमी बस खाना बनाते समय ध्यान रखें ये 1 छोटा सा नियम जानें इसके पीछे का गुप्त राज
News India Live, Digital Desk: आधुनिक युग में हम 'जीरो वेस्टेज' की बात करते हैं, लेकिन हमारे पूर्वजों और शास्त्रों का मानना है कि रसोई में हमेशा परिवार के सदस्यों की संख्या से थोड़ा अधिक भोजन बनना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह केवल भोजन नहीं बल्कि आपके घर की आर्थिक स्थिति और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा विषय है।
1. क्यों बनाना चाहिए ज़रूरत से ज़्यादा खाना?
शास्त्रों के अनुसार, घर की रसोई में माँ अन्नपूर्णा का वास होता है। ज़रूरत से थोड़ा अधिक भोजन बनाने के पीछे ये मुख्य कारण हैं:
अतिथि देवो भव: भारतीय संस्कृति में माना जाता है कि घर के दरवाजे पर कभी भी कोई मेहमान, साधु या जरूरतमंद आ सकता है। यदि खाना कम पड़ जाए, तो इसे घर की बरकत में कमी माना जाता है। थोड़ा अधिक भोजन यह सुनिश्चित करता है कि आपके द्वार से कोई भूखा न जाए।
गौ ग्रास और पक्षियों का हिस्सा: ज्योतिष के अनुसार, भोजन का एक हिस्सा गाय, कुत्ते और पक्षियों के लिए निकालना अनिवार्य है। यदि आप केवल अपने लिए खाना बनाएंगे, तो इन मूक प्राणियों का हिस्सा छूट जाएगा, जिससे पितृ दोष लग सकता है।
2. ग्रहों पर पड़ता है गहरा असर
रसोई में भोजन बनाने की प्रक्रिया विभिन्न ग्रहों को प्रभावित करती है:
चंद्रमा और अन्नपूर्णा: रसोई में अन्न की प्रचुरता चंद्रमा को मजबूत करती है, जो मानसिक शांति और धन के प्रवाह का कारक है।
बृहस्पति (गुरु): घर में अनाज का भंडार भरा रहना और दूसरों को खिलाने की क्षमता होना गुरु ग्रह को शुभ बनाता है, जिससे भाग्य का साथ मिलता है।
3. वास्तु दोष से बचाव
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस घर की रसोई में खाना हमेशा कम पड़ता है या बरतन खाली रहते हैं, वहाँ नकारात्मक ऊर्जा का वास होने लगता है।
खाली बरतन का प्रभाव: रात के समय रसोई में बरतन पूरी तरह खाली या जूठे नहीं छोड़ने चाहिए।
बरकत का नियम: थोड़ा अतिरिक्त भोजन बनाने से घर में "पूर्णता" का भाव आता है, जिससे वास्तु दोष दूर होते हैं और लक्ष्मी का वास होता है।
भोजन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण ज्योतिष नियम
पहली रोटी: पहली रोटी हमेशा गाय के लिए निकालनी चाहिए।
अंतिम रोटी: अंतिम रोटी कुत्ते के लिए बनाना शुभ माना जाता है।
जूठन न छोड़ें: अपनी थाली में कभी भी अन्न न छोड़ें, यह सीधे तौर पर माँ लक्ष्मी का अपमान माना जाता है।