Astrological Benefits : कलावा , किस पेड़ पर बांधें और क्यों पाएं विशेष लाभ
- by Archana
- 2025-08-20 11:28:00
News India Live, Digital Desk: धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं भारतीय सनातन धर्म में प्रकृति और पेड़-पौधों का विशेष महत्व माना गया है। न केवल इनकी पूजा की जाती है, बल्कि कुछ विशेष पौधों और पेड़ों पर कलावा या रक्षा सूत्र बांधने की भी प्राचीन परंपरा है। माना जाता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। आइए जानते हैं किन पौधों पर कलावा बांधना विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है।
शमी का पौधा: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शमी के पौधे पर कलावा बांधना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे शनिदेव से जोड़ा जाता है, और ऐसा करने से शनि से संबंधित सभी कष्ट दूर होते हैं। धन की वृद्धि होती है और घर में खुशहाली आती है। यह आर्थिक संकटों को भी दूर करने में मदद करता है।
बरगद का पेड़ (वट वृक्ष): वट वृक्ष को त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का निवास स्थान माना जाता है। बरगद के पेड़ पर कलावा बांधना लंबी आयु, स्वास्थ्य लाभ और परिवार की समृद्धि के लिए बहुत शुभ होता है। वैवाहिक जीवन में सुख शांति बनी रहती है।
तुलसी का पौधा: तुलसी को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। प्रत्येक गुरुवार को तुलसी के पौधे पर कलावा बांधने से आर्थिक समृद्धि और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। घर में सकारात्मकता आती है और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
केले का पेड़: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित है। केले के पेड़ पर कलावा बांधने से आर्थिक समृद्धि और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है। मान्यता है कि यह धन के नए स्रोतों को खोलता है और विवाह संबंधी बाधाओं को दूर करता है।
पीपल का पेड़: पीपल के पेड़ में देवताओं का वास माना जाता है, खासकर शनिदेव और भगवान विष्णु का। शनिवार को पीपल के पेड़ पर कलावा बांधना ग्रह दोषों से मुक्ति दिलाता है। ऐसा करने से रोग और परेशानियां दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह घर में शांति और समृद्धि भी लाता है।
कलावा बांधने के पीछे यह धारणा है कि यह इन पौधों और पेड़ों की दिव्य ऊर्जा को सक्रिय करता है, जिससे वह ऊर्जा हमारे जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।
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