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March 12 2026 09:58 pm

राजस्थान में बढ़ेंगी विधानसभा सीटें स्पीकर वासुदेव देवनानी का बड़ा बयान 200 से बढ़कर 270 हो सकते हैं विधायक

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संकेत दिया है कि प्रदेश में जल्द ही विधायकों की संख्या में एक बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि आगामी जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया के जरिए विधानसभा सीटों की संख्या 200 से बढ़कर 270 होने की प्रबल संभावना है।

49 साल बाद होगा बदलाव:

गौरतलब है कि राजस्थान में आखिरी बार साल 1977 में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाई गई थी, जब सीटें 184 से बढ़कर 200 हुई थीं। तब से लेकर आज तक (पिछले 49 वर्षों से) यह संख्या स्थिर बनी हुई है। जनसंख्या में हुई भारी वृद्धि को देखते हुए अब सीटों के पुनर्गठन की मांग तेज हो रही है।

विधानसभा में नई तैयारियां:

बढ़ती सीटों की संभावना को देखते हुए विधानसभा भवन में भी बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है:

सेंट्रल हॉल का निर्माण: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में संसद की तर्ज पर एक भव्य सेंट्रल हॉल बनाने के लिए 14 करोड़ रुपये की घोषणा की है।

अतिरिक्त बैठक क्षमता: वर्तमान में सदन में केवल 200 विधायकों के बैठने की जगह है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विधान परिषद के लिए बने पुराने हॉल को विकसित कर नए सदन के रूप में इस्तेमाल करने की योजना है।

टेक्नोलॉजी अपग्रेड: स्पीकर देवनानी ने विधानसभा को पूरी तरह पेपरलेस करने और हर विधायक की सीट पर आईपैड लगाने के भी निर्देश दिए हैं।

परिसीमन का असर:

यदि सीटों की संख्या 270 होती है, तो कई पुराने विधानसभा क्षेत्र समाप्त हो सकते हैं और उनकी जगह नए क्षेत्र अस्तित्व में आएंगे। साथ ही, एससी (SC) और एसटी (ST) वर्ग के लिए आरक्षित सीटों के समीकरण भी बदल सकते हैं। इससे नए राजनीतिक चेहरों के लिए रास्ते खुलेंगे।