Assam Assembly Election 2026 : असम की 126 सीटों पर महासंग्राम, दोपहर 3 बजे तक 75% से ज्यादा मतदान, जलुकबारी में बरसे वोट
News India Live, Digital Desk: असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए आज यानी 9 अप्रैल को सभी 126 सीटों पर एक ही चरण में मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग प्रक्रिया में राज्य की जनता में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, असम में लगभग 75.9% मतदान दर्ज किया गया है, जो राज्य में सत्ता की लहर या बदलाव की बड़ी ओर इशारा कर रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई तक, कई दिग्गजों की किस्मत आज EVM में कैद हो रही है।
मैदान में दिग्गज: जलुकबारी से जोरहाट तक कांटे की टक्कर
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले NDA और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ जलुकबारी विधानसभा क्षेत्र में मतदान किया। वहीं, कांग्रेस की ओर से मोर्चा संभाल रहे गौरव गोगोई ने जोरहाट में अपना वोट डाला। अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में नज़रुल इस्लाम, लुरिनज्योति गोगोई और अखिल गोगोई शामिल हैं, जिन्होंने सुबह-सुबह ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। असम में यह पहला चुनाव है जो 2023 के परिसीमन (Delimitation) के बाद बदली हुई सीमाओं के साथ हो रहा है।
वोटिंग का रुझान: युवाओं और महिलाओं में भारी उत्साह
निर्वाचन आयोग के अनुसार, कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। विशेष रूप से गोलपारा जिले के दुधनोई में सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है, जबकि डिब्रूगढ़ में वोटिंग की रफ्तार थोड़ी धीमी रही। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि मंडल ने भी असम के कई मॉडल पोलिंग स्टेशनों का दौरा किया और यहां के शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण माहौल की सराहना की। खराब मौसम और कई हिस्सों में बारिश के बावजूद मतदाता लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लेने के लिए घरों से बाहर निकल रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और 4 मई का इंतजार
राज्य में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। चुनाव आयोग के कड़े निर्देशों के बीच अब तक मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। आज सभी 126 सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद उम्मीदवारों का भाग्य EVM में बंद हो जाएगा। अब सबकी नजरें 4 मई 2026 पर टिकी हैं, जब चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे और यह साफ होगा कि असम की गद्दी पर अगले 5 साल तक किसका राज होगा।