अजमेर में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए एएसआई , एसीबी ने सिखाया सबक

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News India Live, Digital Desk: हम अक्सर कहते हैं कि पुलिस आम जनता की सुरक्षा के लिए होती है, लेकिन जब रक्षक ही अपनी जेब भरने में लग जाएं, तो आम आदमी किसके पास जाए? राजस्थान के अजमेर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने एक बार फिर पुलिस की वर्दी को शर्मिंदा कर दिया है। यहाँ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पुलिस वाले को रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा।

क्या है पूरा मामला?
यह घटना अजमेर की है, जहां पुलिस महकमे के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) को शायद यह गलतफहमी हो गई थी कि कानून की आंखों में धूल झोंकना आसान है। खबरों के मुताबिक, यह जनाब एक पीड़ित (परिवादी) से उसके किसी केस में मदद करने या कार्रवाई को हल्का करने के बदले में पैसों की मांग कर रहे थे।

फरियादी पुलिस के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुका था। जब उसे लगा कि सीधी उंगली से घी नहीं निकलेगा, यानी बिना पैसे दिए काम नहीं होगा, तो उसने एक समझदारी भरा कदम उठाया। उसने चुपचाप एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) का दरवाजा खटखटाया।

जाल बिछाया और फंस गई 'मछली'
परिवादी की शिकायत मिलते ही एसीबी के अधिकारियों ने मामले की जांच की और शिकायत को सही पाया। इसके बाद एसीबी की टीम ने एक पक्का जाल बिछाया। जैसे ही एएसआई ने रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली, वैसे ही एसीबी की टीम मौके पर पहुंच गई और उन्हें "रंगे हाथों" पकड़ लिया।

मौके का नजारा देखने लायक था। कल तक जो वर्दी की धौंस जमा रहे थे, एसीबी की टीम को देखते ही उनके पसीने छूट गए। उनके पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई है।

भरोसा एसीबी पर, पुलिस पर सवाल
दोस्तों, ऐसी घटनाएं दो तरह की भावनाएं पैदा करती हैं। एक तरफ गुस्सा आता है कि जिन पर हम सुरक्षा का भरोसा करते हैं, वही लोग कैसे भ्रष्टाचार के दीमक बन गए हैं। दूसरी तरफ, एसीबी की ऐसी कार्रवाई से उम्मीद भी जागती है कि "देर है मगर अंधेर नहीं।" अगर कोई गलत करेगा, तो कानून का शिकंजा उस पर भी कसा जाएगा, चाहे वो वर्दी में ही क्यों न हो।

फिलहाल आरोपी एएसआई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पूछताछ जारी है। उनके घर और अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा सकती है, जैसा कि अक्सर ऐसे मामलों में होता है।

हमारी राय
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई अकेले एसीबी नहीं लड़ सकती, इसमें हम सबको जागरूक होना पड़ेगा। अगर कोई सरकारी कर्मचारी आपसे जायज काम के लिए भी पैसे मांगे, तो डरें नहीं, सीधे 1064 (एसीबी हेल्पलाइन) पर कॉल करें। याद रखें, रिश्वत देना भी उतना ही बड़ा गुनाह है जितना लेना।