अशोक गहलोत का भाजपा पर तीखा हमला, जोधपुर की सुमेर लाइब्रेरी को लेकर उठाए गंभीर सवाल
News India Live, Digital Desk: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी डिजिटल सीरीज 'इंतजार शास्त्र' (Intezar Shastra) के जरिए एक बार फिर भजनलाल सरकार को आड़े हाथों लिया है। इस सीरीज के 15वें अध्याय में गहलोत ने अपने गृह नगर जोधपुर की ऐतिहासिक सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी (Sumer Public Library) के प्रोजेक्ट में हो रही देरी को लेकर भाजपा सरकार पर 'नकारात्मक राजनीति' करने का आरोप लगाया है। गहलोत का कहना है कि उनकी सरकार ने इस लाइब्रेरी को हाई-टेक ई-लाइब्रेरी बनाने का जो सपना देखा था, उसे वर्तमान सरकार ने बजट रोककर अधर में लटका दिया है।
7.96 करोड़ का प्रोजेक्ट, फिर भी ताला क्यों?
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में बताया कि सुमेर लाइब्रेरी को एक आधुनिक ई-लाइब्रेरी में बदलने के लिए वर्ष 2022-23 के बजट में 7.96 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।
वर्तमान स्थिति: गहलोत के अनुसार, लाइब्रेरी का नया भवन, डिजिटलाइजेशन और ई-लाइब्रेरी की सुविधाएं पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं।
देरी का कारण: पूर्व सीएम का आरोप है कि सरकार फर्नीचर और फिनिशिंग वर्क के लिए जरूरी मामूली बजट जारी नहीं कर रही है, जिसकी वजह से यह 'ज्ञान का मंदिर' युवाओं के लिए नहीं खुल पा रहा है।
"पढ़ने-लिखने से डरती है भाजपा": गहलोत का तंज
गहलोत ने अपने हमले को धार देते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि प्रदेश की जनता और युवा पढ़-लिखकर जागरूक बनें। उन्होंने कहा, "एक छोटा सा बजट रोककर सरकार ने उस प्रोजेक्ट को ठप कर दिया है जिससे हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिल सकता था। यह सिर्फ प्रशासनिक ढिलाई नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।"
'इंतजार शास्त्र' के जरिए घेरी जा रही सरकार
अशोक गहलोत ने पिछले कुछ हफ्तों से 'इंतजार शास्त्र' नाम से एक मुहिम छेड़ रखी है, जिसमें वे उन प्रोजेक्ट्स की सूची पेश कर रहे हैं जो उनके कार्यकाल में पूरे हो गए थे या अंतिम चरण में थे, लेकिन अब ठप पड़े हैं। इससे पहले वे:
जयपुर के महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज (MIGSS),
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) का गेस्ट हाउस,
जोधपुर का मल्टी-लेवल पार्किंग प्रोजेक्ट,
और प्रताप नगर कोचिंग हब जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर चुके हैं।
भाजपा का पलटवार: "यह कुंठा का शास्त्र है"
गहलोत के इन आरोपों पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस सीरीज को 'हार की कुंठा' करार दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि गहलोत सरकार ने बिना वित्तीय प्रबंधन के केवल घोषणाएं की थीं, जिन्हें अब वर्तमान सरकार व्यवस्थित तरीके से पूरा कर रही है। भाजपा ने गहलोत को 'संतोष शास्त्र' अपनाने की सलाह दी है।