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April 09 2026 08:46 pm

उदयपुर को जाम से मिलेगी मुक्ति, 136.89 करोड़ की लागत से बन रहा है हाई-टेक एलिवेटेड रोड

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News India Live, Digital Desk: झीलों की नगरी उदयपुर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और शहरवासियों को रोजाना के जाम से निजात दिलाने के लिए एक महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है। शहर के मध्य भाग में 136.89 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक एलिवेटेड रोड (Elevated Road) का निर्माण किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट उदयपुर के शहरी विकास के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा, जो न केवल यात्रा के समय को कम करेगा बल्कि शहर की खूबसूरती और आधुनिकता को भी बढ़ाएगा।

रेलवे स्टेशन से कलेक्टर बंगले तक का सफर होगा आसान

इस नई एलिवेटेड रोड की कुल लंबाई लगभग 2.75 किलोमीटर होगी। यह शहर के सबसे व्यस्त रूट सिटी रेलवे स्टेशन से शुरू होकर कलेक्टर बंगले तक जाएगी।

प्रमुख जुड़ाव: इस प्रोजेक्ट में कोर्ट चौराहा से एमबी हॉस्पिटल की तरफ जाने वाली 400 मीटर लंबी एक अलग 'भुजा' (Arm) भी शामिल है, जिससे अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और तीमारदारों को बड़ी राहत मिलेगी।

90 डिग्री के कर्व: इंजीनियरिंग के नजरिए से यह सड़क काफी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि तोरण बावड़ी और देहली गेट जैसे इलाकों में इसमें 90 डिग्री के कर्व दिए गए हैं।

तेजी से चल रहा है काम: 117 पिलर का है लक्ष्य

परियोजना का काम दिसंबर 2024 के अंत में शुरू हुआ था और मार्च-अप्रैल 2026 तक यह काफी उन्नत चरण में पहुँच चुका है।

पिलर निर्माण: पूरी परियोजना में कुल 117 पिलर बनाए जाने हैं, जिनमें से 50 से अधिक का काम पूरा हो चुका है। कुछ पिलरों पर तो सड़क (Slab) डालने का काम भी शुरू हो गया है।

विशेष तकनीक: शहर के व्यस्त इलाकों में जगह की कमी को देखते हुए फाउंडेशन निर्माण के लिए विशेष मशीनों और तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक पिलर को खड़ा करने में लगभग 15 दिन का समय लग रहा है।

ट्रैफिक जाम से स्थाई राहत

उदयपुर का पुराना शहर और देहली गेट इलाका अक्सर ट्रैफिक जाम के लिए जाना जाता है। इस एलिवेटेड रोड के चालू होने के बाद:

स्थानीय और बाहरी ट्रैफिक का अलगाव: लंबी दूरी तय करने वाले वाहन ऊपर से निकल जाएंगे, जिससे नीचे की सड़कों पर भीड़ कम होगी।

समय की बचत: स्टेशन से कलेक्टर कार्यालय तक का 20-30 मिनट का सफर महज 5-7 मिनट में पूरा हो सकेगा।

प्रदूषण में कमी: वाहनों के लगातार रेंगने से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

केंद्र सरकार की एक और सौगात: खेरवाड़ा एलिवेटेड कॉरिडोर

इसी बीच, उदयपुर जिले के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने NH-48 (उदयपुर-अहमदाबाद मार्ग) पर खेरवाड़ा कस्बे में 363.89 करोड़ रुपये की लागत से एक अलग एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की मंजूरी दी है। यह कॉरिडोर स्थानीय ट्रैफिक और हाईवे के भारी वाहनों को अलग करेगा, जिससे इस ब्लैक-स्पॉट वाले क्षेत्र में दुर्घटनाओं में कमी आएगी।