Apple at 50 : आईफोन पर आधा कटा सेब ही क्यों? एप्पल के 50 साल पूरे होने पर खुला लोगो का वो राज जिसे दुनिया मानती थी सच
News India Live, Digital Desk: दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनी एप्पल (Apple) ने अपनी स्थापना के 50 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। साल 1976 में एक गैरेज से शुरू हुआ यह सफर आज आईफोन, आईपैड और मैकबुक के जरिए हर घर तक पहुंच चुका है। लेकिन इन 50 वर्षों में एक सवाल हमेशा बना रहा "एप्पल का लोगो (Logo) आधा कटा हुआ ही क्यों है?" इंटरनेट पर इसे लेकर कई मशहूर कहानियां और थ्योरीज मौजूद हैं, लेकिन कंपनी की गोल्डन जुबली पर इसके पीछे का असली और चौंकाने वाला कारण सामने आया है।
मशहूर थ्योरी: क्या यह एलन ट्यूरिंग को श्रद्धांजलि थी?
एप्पल के लोगो को लेकर सबसे चर्चित कहानी यह रही है कि यह एलन ट्यूरिंग (Alan Turing) को समर्पित है। ट्यूरिंग को 'कंप्यूटर साइंस का जनक' माना जाता है, जिनकी मृत्यु सायनाइड लगे एक आधा कटे सेब को खाने से हुई थी। कई लोग मानते थे कि स्टीव जॉब्स ने उन्हें सम्मान देने के लिए यह लोगो चुना। हालांकि, इस कहानी में कितनी सच्चाई है, इसका खुलासा अब हो गया है।
डिजाइनर रॉब जेनॉफ ने खोला असली राज
एप्पल के मूल लोगो डिजाइनर रॉब जेनॉफ (Rob Janoff) ने स्पष्ट किया है कि लोगो के 'कटे होने' (Bite) के पीछे कोई भावनात्मक या दार्शनिक कारण नहीं था।
पहचान का संकट: जेनॉफ के अनुसार, अगर सेब पूरा होता, तो छोटे आकार में देखने पर लोग इसे चेरी (Cherry) या टमाटर समझ सकते थे।
स्केल और साइज: सेब को आधा कटा हुआ इसलिए दिखाया गया ताकि दूर से देखने पर भी वह स्पष्ट रूप से 'सेब' ही लगे, चेरी नहीं।
शब्दों का खेल: दिलचस्प बात यह है कि कंप्यूटर की भाषा में 'Byte' (डेटा की इकाई) शब्द का इस्तेमाल होता है, जिसे संयोगवश 'Bite' (काटना) से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, डिजाइनर ने इसे केवल एक सुखद इत्तेफाक बताया है।
लोगो का सफर: इंद्रधनुष से ग्रेफाइट तक
एप्पल का पहला लोगो 1976 में रोनाल्ड वेन ने बनाया था, जिसमें आइजैक न्यूटन एक पेड़ के नीचे बैठे थे। लेकिन स्टीव जॉब्स को वह काफी जटिल लगा।
1977-1998: रॉब जेनॉफ ने 'रेनबो एप्पल' (इंद्रधनुषी रंग) का लोगो बनाया, जो रंगीन स्क्रीन वाले एप्पल II कंप्यूटर को प्रमोट करता था।
1998-वर्तमान: जैसे-जैसे कंपनी ने आधुनिकता की ओर कदम बढ़ाए, लोगो को सॉलिड रंगों (काला, चांदी और अब ग्रेफाइट) में बदल दिया गया।
50 साल और बेमिसाल तकनीक
1 अप्रैल 1976 को स्टीव जॉब्स, स्टीव वोज्नियाक और रोनाल्ड वेन द्वारा शुरू की गई यह कंपनी आज इनोवेशन का पर्याय बन चुकी है। 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर एप्पल अपने यूजर्स के लिए कुछ विशेष एडिशन डिवाइस और सॉफ्टवेयर अपडेट्स लाने की योजना बना रहा है। आईफोन पर चमकता वह आधा कटा सेब आज केवल एक लोगो नहीं, बल्कि प्रीमियम क्वॉलिटी और स्टेटस सिंबल बन चुका है।