Digital Strike : सरकार का बड़ा एक्शन 300 से ज्यादा अवैध सट्टेबाजी ऐप्स और वेबसाइट्स बैन, क्या फंस गया आपका भी पैसा
News India Live, Digital Desk: देश में अवैध ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी (Betting) के खिलाफ केंद्र सरकार ने एक बार फिर 'डिजिटल स्ट्राइक' (Digital Strike) की है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कड़ा रुख अपनाते हुए 300 से अधिक अवैध सट्टेबाजी ऐप्स और संबंधित वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है। सरकार का यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) को रोकने और देश की सुरक्षा व आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इस कार्रवाई के बाद लाखों यूज़र्स के बीच हड़कंप मच गया है, जिनके पैसे इन प्लेटफॉर्म्स पर फंसे हुए हैं।
ED की जांच और सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर थे ऐप्स
सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पिछले काफी समय से इन ऐप्स की निगरानी कर रही थीं। जांच में पाया गया कि ये ऐप्स न केवल अवैध सट्टेबाजी को बढ़ावा दे रहे थे, बल्कि इनका सीधा संबंध विदेशी नेटवर्क और हवाला कारोबार से भी था। इनमें से कई ऐप्स और वेबसाइट्स चीन और अन्य देशों से संचालित हो रहे थे, जो भारतीय नागरिकों के डेटा और उनकी मेहनत की कमाई के लिए बड़ा खतरा थे।
क्या आपका पैसा भी इन ऐप्स में फंस गया है?
सरकार द्वारा इन ऐप्स और यूआरएल (URLs) को ब्लॉक किए जाने के बाद अब यूज़र्स को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
एक्सेस बंद: ऐप्स और वेबसाइट्स ब्लॉक होने के कारण अब यूज़र्स अपने अकाउंट लॉगिन नहीं कर पा रहे हैं।
विड्रॉल की समस्या: सट्टेबाजी के अवैध होने के कारण, इन प्लेटफॉर्म्स पर फंसे पैसे की वापसी (Withdrawal) के लिए कोई कानूनी रास्ता उपलब्ध नहीं है।
धोखाधड़ी का खतरा: विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लॉक होने के बाद ये कंपनियां अपनी वेबसाइट्स को नए डोमेन पर शिफ्ट करने की कोशिश करती हैं, जिससे यूज़र्स के साथ दोबारा धोखाधड़ी होने की संभावना बढ़ जाती है।
सरकार की चेतावनी: सावधान रहें भारतीय नागरिक
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोई भी ऐप जो आईटी एक्ट (IT Act) की धारा 69A का उल्लंघन करता है, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे लुभावने विज्ञापनों और 'रातों-रात अमीर बनने' का झांसा देने वाले सट्टेबाजी ऐप्स से दूर रहें। गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से भी इन विवादित ऐप्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इन बड़े नामों पर गिर सकती है गाज
हालांकि सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें कई लोकप्रिय सट्टेबाजी साइट्स और उनके क्लोन ऐप्स शामिल हैं। इससे पहले भी सरकार ने महादेव बुक (Mahadev Book) जैसे बड़े सिंडिकेट्स पर कार्रवाई की थी, जिसके तार अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े पाए गए थे।