Anti-encroachment drive : झारखंड के मैंगो को मिलेगा अतिक्रमण से छुटकारा, प्रशासन का सख्त प्लान जारी

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News India Live, Digital Desk:  Anti-encroachment drive : जमशेदपुर के मैंगो (Mango) इलाके की दशकों पुरानी विवादित 'खासमहल भूमि' पर अब जल्द ही बड़ा एक्शन होने वाला है! झारखंड हाई कोर्ट ने इस इलाके को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं, जिसके बाद जमशेदपुर प्रशासन की तैयारियां तेज़ हो गई हैं. इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि मैंगो की सूरत बदलने वाली है, लेकिन उन लाखों लोगों के सामने भी सवाल खड़े हो गए हैं जो यहां बरसों से रह रहे हैं.

क्या है मामला और क्यों हरकत में आया प्रशासन?
मैंगो की खासमहल जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण का मुद्दा चला आ रहा है. इस मामले पर हाई कोर्ट लगातार सुनवाई कर रहा है, जिसकी अगली सुनवाई 26 अगस्त 2025 को होनी है. हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा था कि बार-बार आदेश के बावजूद डिप्टी कमिश्नर ने अब तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया? कोर्ट ने राज्य सरकार को भी याद दिलाया कि खासमहल की ज़मीन से अवैध कब्ज़े हटाना सरकार की जिम्मेदारी है.

पूर्वी सिंहभूम की डीसी (DC) अनन्या मित्तल ने मैंगो और साकची के सर्किल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है और सभी तैयारियों को तेज़ी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं.

15,000 को नोटिस, लेकिन अतिक्रमणकर्ता हैं एक लाख!
हाई कोर्ट को बताया गया है कि अब तक लगभग 15,000 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं. लेकिन चुनौती यह है कि पूरे जमशेदपुर में लगभग एक लाख अतिक्रमणकारी हैं. इतनी बड़ी संख्या में कार्रवाई करने के लिए प्रशासन को ज़्यादा मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी चाहिए. प्रशासन ने मैंगो को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए कमर कस ली है, जिसकी शुरुआत अतिक्रमण वाली ज़मीनों की पहचान करने से होगी.

क्या मिलेगी स्थायी समाधान की उम्मीद?
इस मामले पर कोर्ट की निगरानी जारी है, और प्रशासन भी इसे लेकर गंभीर दिख रहा है. अब देखना होगा कि मैंगो को अतिक्रमण मुक्त बनाने की ये कोशिशें कितनी सफल हो पाती हैं. यह न केवल ज़मीनी हकीकत को बदलेगा, बल्कि उन लोगों के लिए भी रास्ता साफ कर सकता है जो सालों से एक व्यवस्थित जीवन का सपना देख रहे हैं. हालांकि, यह चुनौती भरा काम होगा जिसमें कई सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं को भी ध्यान में रखना होगा.