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March 28 2026 03:19 am

Anti-Corruption Team : उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग पर बड़ा दाग, रंगेहाथ पकड़ा गया घूसखोर प्रिंसिपल

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News India Live, Digital Desk: Anti-Corruption Team : गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वर, ये श्लोक हम बचपन से सुनते और पढ़ते आए हैं. शिक्षक, यानी गुरु, को हमारे समाज में भगवान का दर्जा दिया गया है, क्योंकि उन पर ही हमारे बच्चों का भविष्य संवारने की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी होती है. लेकिन जब यही गुरु अपने पद की गरिमा को तार-तार कर दे और ज्ञान के मंदिर को भ्रष्टाचार का अड्डा बना ले, तो आप क्या कहेंगे?

एक ऐसा ही शर्मसार करने वाला मामला उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से सामने आया है, जहां एक प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल साहब को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी-करप्शन टीम ने रंगेहाथों दबोच लिया. और यह तो सिर्फ पहली किस्त थी, सौदा तो पूरे 2 लाख रुपये में तय हुआ था

किस बात के लिए मांग रहे थे 'कमीशन'?

मामला फिरोजाबाद के प्राथमिक विद्यालय नगला हट्टी का है, जहां के प्रिंसिपल मनोज कुमार पर यह गंभीर आरोप लगा ہے. हुआ यह कि गांव के प्रधान देवेंद्र सिंह ने स्कूल में लगभग 13.59 लाख रुपये के विकास कार्य करवाए थे, जैसे कि बाउंड्री वॉल बनवाना, टॉयलेट की मरम्मत और इंटरलॉकिंग टाइल्स लगवाना. जब इन कामों के बिल पास करने का समय आया, तो प्रिंसिपल साहब ने अपना असली रंग दिखा दिया.

आरोप है कि प्रिंसिपल मनोज कुमार ने प्रधान से इन बिलों को पास करने के बदले में 2 लाख रुपये की मोटी रकम बतौर 'कमीशन' यानी घूस मांगी.

ऐसे बिछाया एंटी-करप्शन टीम ने जाल

प्रिंसिपल की इस डिमांड से परेशान होकर गांव के प्रधान ने चुपचाप इसकी शिकायत आगरा की एंटी-करप्शन यूनिट में कर दी. शिकायत मिलते ही टीम ने प्रिंसिपल को रंगेहाथों पकड़ने के लिए एक पूरा प्लान तैयार किया.

प्लान के मुताबिक, प्रधान देवेंद्र सिंह ने घूस की पहली किस्त के तौर पर 50,000 रुपये देने के लिए प्रिंसिपल को नेशनल हाईवे पर मौजूद एक रेस्टोरेंट में बुलाया. प्रिंसिपल साहब जैसे ही रेस्टोरेंट में पहुंचे और उन्होंने रिश्वत के पैसे अपने हाथ में लिए, पहले से ही वहां मौजूद एंटी-करप्शन की टीम ने उन्हें दबोच लिया. रिश्वत के पैसों के साथ रंगेहाथ पकड़े जाने पर प्रिंसिपल के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं.

इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा जैसे पवित्र पेशे पर एक बड़ा दाग लगा दिया है. सवाल यह उठता है कि जो शिक्षक खुद भ्रष्टाचार में लिप्त हो, वह बच्चों को ईमानदारी और नैतिकता का क्या पाठ पढ़ाएगा? फिलहाल, आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया गया हैं.