झारखंड में एक और महाघोटाला? बाबूलाल मरांडी ने खोला मोर्चा, बोले- खनिज फंड में मची है लूट
News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने राज्य की मौजूदा सरकार पर एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पूरे झारखंड में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DFMT) के फंड में हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हो रहा है।
बाबूलाल मरांडी ने इस घोटाले को पूरे राज्य में फैला हुआ बताया है और कहा है कि यह लूट संगठित तरीके से की जा रही है, जिसमें सत्ताधारी दल के नेता, अधिकारी और बिचौलिए शामिल हैं।
क्या है DFMT और क्यों इतने गंभीर हैं ये आरोप?
DFMT यानी डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट, एक ऐसा फंड है जिसे खनन प्रभावित जिलों के विकास के लिए बनाया गया है। नियम के अनुसार, खनन कंपनियां अपनी कमाई का एक हिस्सा इस फंड में जमा करती हैं। इस पैसे का इस्तेमाल उन इलाकों में किया जाना चाहिए जहां खनन होता है, ताकि वहां के लोगों को बेहतर सड़कें, स्कूल, अस्पताल और पीने का पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
बाबूलाल मरांडी का आरोप है कि गरीबों और आदिवासियों के विकास के लिए बने इसी फंड में जमकर लूट मची ہوئی है।
मरांडी ने क्या-क्या आरोप लगाए?
बाबूलाल मरांडी ने सिलसिलेवार तरीके से आरोप लगाते हुए कहा है:
- कागजों पर चल रही हैं योजनाएं: उनका आरोप है कि कई योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही चल रही हैं और जमीन पर कोई काम नहीं हुआ है, लेकिन पैसे निकाल लिए गए हैं।
- टेंडर में हो रहा है खेल: मरांडी ने दावा किया कि योजनाओं के टेंडर में भी जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। काम की लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है। उदाहरण के लिए, 10 लाख के काम को 50 लाख का दिखाकर पैसे लूटे जा रहे हैं।
- पूरे राज्य में फैला है नेटवर्क: यह घोटाला किसी एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के लगभग सभी खनन प्रभावित जिलों में यह खेल चल रहा है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने इस मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर इस घोटाले की निष्पक्ष जांच हो, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को चुपचाप नहीं बैठने देगी और इसे सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी।
इन आरोपों ने झारखंड की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इन गंभीर आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या इस मामले में कोई जांच शुरू होती है या नहीं।