Ank Jyotish : पहले चुनौतियाँ और फिर बेहिसाब सफलता, क्या आपकी जन्म तारीख भी छुपाए है यह गहरा राज?
News India Live, Digital Desk: क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपने अपनी जान झोंक दी, दिन-रात मेहनत की, पर फिर भी रिजल्ट आपकी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिला? वहीं दूसरी तरफ, आपके कुछ साथी शायद कम मेहनत में भी आगे निकल गए?
दरअसल, अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, हमारी जन्म की तारीख सिर्फ एक नंबर नहीं होती, यह हमारे जीवन की एक तरह की 'ब्लूप्रिंट' होती है। कुछ खास तारीखें ऐसी होती हैं जिनमें सफलता का रास्ता थोड़ा टेढ़ा-मेढ़ा और मुश्किलों भरा होता है, लेकिन जब मंज़िल मिलती है, तो वह बहुत ही बड़ी और शानदार होती है।
मूलांक 8: शनि का प्रभाव और मेहनत की परीक्षा
अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 8 है। ज्योतिष में मूलांक 8 का स्वामी 'शनि' को माना गया है। शनि अनुशासन, धैर्य और न्याय के देवता हैं। यही कारण है कि इस मूलांक वाले लोगों के जीवन में शुरुआती समय काफी चुनौतीपूर्ण रहता है।
इन लोगों को बचपन से ही सब कुछ आसानी से नहीं मिलता। उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए दूसरों से कहीं ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है। कई बार काम बनते-बनते रुक जाते हैं, लेकिन यही संघर्ष उन्हें फौलाद की तरह मजबूत बनाता है।
इंतज़ार का फल मीठा क्यों होता है?
मूलांक 8 वालों की सबसे बड़ी खासियत होती है उनका 'नेवर गिव अप' वाला एटीट्यूड। वे मुश्किलों से घबराते नहीं, बल्कि उनसे सीखते हैं। अंक ज्योतिष कहता है कि 30 या 35 साल की उम्र के बाद इनका सुनहरा समय शुरू होता है। जब एक बार इनकी किस्मत चमकती है, तो ये लोग समाज में बहुत बड़ा नाम और मुकाम हासिल करते हैं। इन्हें अक्सर 'लो प्रोफाइल' रहकर बड़े काम करते देखा गया है।
मूलांक 4 और 7 की भी अपनी कहानी है
मूलांक 8 के अलावा, 4 (4, 13, 22, 31) और 7 (7, 16, 25) तारीखों में जन्म लेने वाले लोग भी काफी उतार-चढ़ाव देखते हैं। मूलांक 4 वाले जहाँ अचानक आने वाली समस्याओं से लड़ना सीखते हैं, वहीं मूलांक 7 वाले अपने अंतर्ज्ञान (Intuition) और गहराई से सोचने की क्षमता की वजह से जीवन में आगे बढ़ते हैं। इन मूलांक वालों के लिए सफलता रातों-रात नहीं आती, बल्कि अनुभवों की भट्टी में तपकर आती है।