BREAKING:
April 21 2026 02:40 am

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर अनंत सिंह का बड़ा बयान, निशांत की जिद को बताया पागलपन

Post

News India Live, Digital Desk: बिहार की सियासत में चेहरे भले ही बदल गए हों और सत्ता की कुर्सी पर नया नाम आ गया हो, लेकिन राज्य का 'असली मालिक' अब भी एक ही है। यह दावा किसी और ने नहीं बल्कि मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने किया है। मीडिया से मुखातिब होते हुए अनंत सिंह ने अपने चिर-परिचित अंदाज में साफ कर दिया कि नीतीश कुमार भले ही दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हो गए हों, लेकिन बिहार की सरकार आज भी उनके ही इशारों पर चलेगी।

नीतीश कुमार कहीं गए नहीं, दिल्ली कोई विदेश नहीं है

जब अनंत सिंह से पूछा गया कि अब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बन चुके हैं, तो क्या नीतीश कुमार का दबदबा खत्म हो जाएगा? इस पर उन्होंने तपाक से जवाब दिया, "नीतीश कुमार कहीं नहीं गए हैं। दिल्ली कोई विदेश में नहीं है कि वे दूर हो गए। वे भले ही राज्यसभा चले गए हों, लेकिन मालिक वही रहेंगे।" अनंत सिंह ने आगे कहा कि नई सरकार नीतीश कुमार के विजन और मार्गदर्शन पर ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों को काम सौंपा गया है, वे नीतीश कुमार के दिशा-निर्देशों के तहत ही कार्य करेंगे।

निशांत कुमार की 'जिद' पर भड़के अनंत सिंह: कहा- यह तो पागलपन है

नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार द्वारा डिप्टी सीएम या एमएलसी जैसे बड़े पदों को ठुकराने के सवाल पर अनंत सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "निशांत को बड़ी जिम्मेदारी मिल रही थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। बहुत लोगों ने उन्हें समझाया पर वे नहीं माने।" अनंत सिंह ने आगे कहा कि निशांत का यह कहना कि वे अपने दम पर कुछ करेंगे, एक तरह का पागलपन है। उन्हें पार्टी में रहकर सबकी बात माननी चाहिए थी और नीतीश कुमार की विरासत संभालनी चाहिए थी। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी व्यक्तिगत रूप से निशांत से कोई बात नहीं हुई है।

शराबबंदी पर फिर उठाए सवाल, 'सूखे नशे' को बताया असली खतरा

सियासी चर्चा के बीच अनंत सिंह ने एक बार फिर बिहार में शराबबंदी कानून को खत्म करने की वकालत की। उन्होंने तर्क दिया कि शराबबंदी के कारण राज्य में 'सूखे नशे' (स्मैक और ड्रग्स) का चलन खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, "शराब बंद होनी चाहिए थी, लेकिन अब इसे खोल देना ही ठीक होगा। छोटे-छोटे बच्चे स्मैक की गिरफ्त में आ रहे हैं। अगर युवाओं को बचाना है तो इस फैसले पर दोबारा विचार करना होगा।"

सम्राट चौधरी की ताजपोशी और भविष्य की राह

अनंत सिंह का यह बयान उन अटकलों को खारिज करने के लिए काफी है कि बिहार में भाजपा के मुख्यमंत्री बनने से नीतीश कुमार का प्रभाव कम होगा। अनंत सिंह के अनुसार, प्रशासनिक व्यवस्था और नीतिगत फैसले आज भी उसी केंद्र से संचालित होंगे जहां से पिछले दो दशकों से होते आए हैं। अब देखना यह होगा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार अनंत सिंह की शराबबंदी वाली सलाह और नीतीश कुमार के 'मार्गदर्शन' को किस तरह आगे बढ़ाती है।