America's Big Action : भारतीय और चीनी कंपनियां फंसी ईरान के तेल जाल में, क्यों हुई कार्रवाई
News India Live, Digital Desk: America's Big Action : अमेरिका ने ईरान के साथ तेल कारोबार को लेकर कुछ भारतीय और चीनी कंपनियों पर सख्ती बरती है. अमेरिका का कहना है कि ये कंपनियां ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रही थीं और इससे जो पैसा आ रहा था, उसका इस्तेमाल कुछ ऐसे काम के लिए हो रहा था, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता फैलती है.
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में, अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने एक ऐसे नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिसमें 13 कंपनियां शामिल हैं. ये कंपनियां ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की गैरकानूनी खरीद-बिक्री और शिपिंग में मदद कर रही थीं. अमेरिका का आरोप है कि ये कंपनियां ईरान को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रही थीं, ताकि वो अपना तेल बेच सके और उससे पैसा कमा सके.
इन कंपनियों में भारत की दो फर्म्स – तारा पेट्रोलियम (Tuba Petroleum) और तिब्बत पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड (Tibet Petroleum Pvt. Ltd.) भी शामिल हैं. इनके अलावा, चीन की कई कंपनियों पर भी कार्रवाई हुई है. ये कंपनियां कथित तौर पर ईरान से तेल और पेट्रोकेमिकल्स खरीदकर चीन पहुंचा रही थीं.
क्यों हो रही है इतनी सख्ती?
अमेरिका का कहना है कि ईरान इस तरह के गैरकानूनी तेल व्यापार से जो पैसा कमाता है, उसका इस्तेमाल वो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-क़ुद्स फोर्स (IRGC-QF) और लेबनान के आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह जैसे समूहों को समर्थन देने के लिए करता है. इन समूहों को अमेरिका आतंकी मानता है और इन पर प्रतिबंध लगा चुका है. अमेरिका का मकसद ईरान की ऐसी फंडिंग को रोकना है, ताकि वो अपनी प्रॉक्सी ताकतों को बढ़ावा न दे सके और क्षेत्र में शांति बनी रहे.
ये कंपनियां किस तरह से काम कर रही थीं? ये कंपनियां अक्सर फर्जी दस्तावेज, धोखेबाज कीमतें और शेल कंपनियों का इस्तेमाल करती थीं, ताकि उनका असली काम पकड़ में न आए. इस नेटवर्क में तुर्की के एक सूत्रधार और चीन के दो व्यक्तियों की भी पहचान की गई है, जो इस पूरे अवैध कारोबार में अहम भूमिका निभा रहे थे.
इस कार्रवाई से साफ है कि अमेरिका ईरान पर अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहता है और किसी भी देश या कंपनी को ईरान के साथ ऐसे अवैध व्यापार में शामिल होने की इजाजत नहीं देगा, जिससे ईरान को फायदा पहुंचे और उसकी गतिविधियों से क्षेत्र में अशांति फैले.