ऐमज़ॉन का गुस्सा और पानी में बहे करोड़ों रुपये, लग्जरी ब्रैंड Saks के साथ ये डील क्यों बन गई बड़ी सिरदर्दी?

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News India Live, Digital Desk : बिजनेस की दुनिया में घाटा और मुनाफा तो चलता रहता है, लेकिन जब दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक यानी 'ऐमज़ॉन' (Amazon) किसी सौदे को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करे, तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है। आजकल ग्लोबल मार्केट में एक खबर बड़ी तेज़ी से फैल रही है कि ऐमज़ॉन अपने पार्टनर लग्जरी ब्रैंड 'साक्स ग्लोबल' (Saks Global) से बेहद नाखुश है।

नाराजगी इतनी गहरी है कि मामला अब सीधे-सीधे करोड़ों डॉलर की बर्बादी तक पहुँच गया है। दरअसल, ऐमज़ॉन ने जब इस लग्जरी दिग्गज के साथ हाथ मिलाया था, तो उम्मीद थी कि वे मिलकर ऑनलाइन लग्जरी मार्केट पर कब्ज़ा करेंगे। लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट।

आखिर ऐमज़ॉन क्यों आगबबूला है?
खबरों की मानें तो साक्स ग्लोबल ने एक साल से भी कम समय में सैंकड़ों मिलियन डॉलर (अरबों रुपये) 'बर्बाद' कर दिए हैं। ऐमज़ॉन का कहना है कि जिस रफ्तार से पैसा खर्च किया गया, उसके हिसाब से नतीजे बिल्कुल जीरो रहे। किसी भी बड़े निवेशक के लिए यह एक डरावने सपने जैसा है कि आप किसी बिजनेस में पैसा लगाएं और वह पैसा बिना किसी मुनाफे के बस पानी की तरह बह जाए।

पर्दे के पीछे की खींचतान
विशेषज्ञों का कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ पैसों की नहीं बल्कि मैनेजमेंट के तरीके की भी है। एक तरफ ऐमज़ॉन अपनी किफ़ायती और 'डेटा-ड्रिवन' अप्रोच के लिए जाना जाता है, वहीं दूसरी तरफ लग्जरी ब्रैंड्स की दुनिया चमक-धमक और भारी-भरकम खर्चों पर टिकी होती है। ऐसा लगता है कि इन दोनों के बीच तालमेल बैठने के बजाय एक बड़ी दरार पड़ गई है। ऐमज़ॉन को लग रहा है कि उनके निवेश का सही इस्तेमाल करने के बजाय साक्स ग्लोबल ने उसे बिना सोचे-समझे उड़ा दिया।

इसका आगे क्या असर होगा?
इस विवाद का असर सिर्फ इन दोनों कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में हो सकता है कि ऐमज़ॉन अपने हाथ इस डील से पीछे खींच ले, या फिर साक्स ग्लोबल के भीतर बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिलें। वैसे भी आजकल टेक और लग्जरी का मिलन उतना आसान नहीं रह गया है जितना पहले सोचा गया था।