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April 09 2026 06:53 am

पलामू के लिए वरदान बनेगा अमानत बराज सरकार ने 786 करोड़ की योजना को दी मंजूरी, सूखे खेतों तक पहुँचेगा पानी

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News India Live, Digital Desk: झारखंड के पलामू प्रमंडल के किसानों के लिए एक बड़ी और खुशहाल खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित 'अमानत बराज परियोजना' (Amanat Barrage Project) के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 786 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। इस निर्णय से पलामू जिले के सूखाग्रस्त इलाकों की तस्वीर बदलने वाली है। अमानत नदी पर बनने वाला यह बराज न केवल सिंचाई के संकट को दूर करेगा, बल्कि भू-जल स्तर में सुधार कर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा।

हजारों एकड़ भूमि की प्यास बुझाएगा 'अमानत बराज'

अमानत बराज परियोजना पलामू के किसानों के लिए किसी जीवनदायिनी से कम नहीं है। सरकार द्वारा स्वीकृत इस भारी-भरकम राशि से बराज के निर्माण कार्य में तेजी आएगी। इस परियोजना के पूर्ण होने पर जिले के पांकी, लेस्लीगंज और मनातू जैसे प्रखंडों की हजारों एकड़ कृषि भूमि को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक मानसून पर निर्भर रहने वाले किसान अब साल में दो से तीन फसलें उगा सकेंगे। जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि पानी का अधिकतम संचयन सुनिश्चित हो सके।

विस्थापितों और नहरों के जाल पर होगा काम

786 करोड़ रुपये की इस स्वीकृत राशि का एक बड़ा हिस्सा नहरों के सुदृढ़ीकरण और विस्तार पर खर्च किया जाएगा। परियोजना के तहत मुख्य नहरों के साथ-साथ वितरिकाओं (Distributaries) का जाल बिछाया जाएगा ताकि अंतिम छोर (Tail End) पर स्थित खेतों तक पानी पहुँच सके। इसके साथ ही, परियोजना से प्रभावित होने वाले विस्थापितों के मुआवजे और पुनर्वास के लिए भी पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों के भीतर इस परियोजना को पूरी तरह से क्रियाशील कर दिया जाए ताकि पलामू के किसानों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाए।

पलायन पर लगेगा ब्रेक, रोजगार के खुलेंगे अवसर

पलामू को दशकों से 'काला पानी' और सूखे का क्षेत्र माना जाता रहा है, जिसके कारण यहाँ से बड़े पैमाने पर मजदूरों का पलायन होता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि अमानत बराज के बनने से जब खेतों में हरियाली आएगी, तो पलायन पर स्वतः रोक लगेगी। कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विपक्षी दलों ने भी इस कदम का स्वागत किया है, हालांकि उन्होंने काम की गुणवत्ता और समय सीमा को लेकर सतर्क रहने की बात कही है। फिलहाल, इस मंजूरी के बाद पलामू के गांवों में जश्न का माहौल है।