BREAKING:
March 25 2026 11:21 pm

Aligarh Digital Brutality: मनचलों की छेड़खानी से तंग आकर छात्रा ने दी जान, दूसरी बेटी की तुड़वाई शादी

Post

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से महिला अपराध की दो ऐसी रूह कंपा देने वाली घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल शुचिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां शोहदों की लगातार छेड़खानी और फब्तियों से परेशान होकर एक छात्रा ने मौत को गले लगा लिया, वहीं दूसरी ओर एक सिरफिरे ने युवती की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उसे उसके मंगेतर को भेज दिया, जिससे लड़की की शादी टूट गई। इन दोनों ही मामलों ने पुलिस प्रशासन और साइबर सेल की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

पहली घटना: 'मरी' तो पीछा छूटेगा! छेड़खानी से तंग छात्रा ने फंदा लगाया अलीगढ़ के एक थाना क्षेत्र में रहने वाली इंटरमीडिएट की छात्रा पिछले कई दिनों से स्थानीय मनचलों के आतंक से परेशान थी। आरोप है कि रास्ते में आते-जाते समय शोहदे उस पर अश्लील टिप्पणियां करते थे और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते थे। लोक-लाज और डर के कारण छात्रा घुटती रही, लेकिन जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तो उसने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है।

दूसरी घटना: एडिटेड फोटो ने उजाड़ी खुशियां, टूटी शादी दूसरी घटना डिजिटल अपराध की पराकाष्ठा है। यहाँ एक युवक ने युवती की फोटो को एडिटिंग सॉफ्टवेयर के जरिए आपत्तिजनक बनाया और उसे युवती के होने वाले ससुराल पक्ष और मंगेतर को भेज दिया। फोटो देखते ही ससुराल वालों ने रिश्ता तोड़ दिया। पीड़िता के परिवार का कहना है कि आरोपी लंबे समय से एकतरफा प्रेम में उसे परेशान कर रहा था और शादी तय होने के बाद उसने बदले की भावना से यह घिनौना कदम उठाया।

पुलिस का एक्शन: एफआईआर दर्ज, आरोपियों की तलाश तेज इन दोनों मामलों के तूल पकड़ने के बाद अलीगढ़ पुलिस हरकत में आई है। छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नामजद एफआईआर दर्ज कर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वहीं, फोटो एडिटिंग वाले मामले में साइबर सेल की मदद ली जा रही है ताकि उस डिजिटल सिग्नेचर और आईपी एड्रेस को ट्रैक किया जा सके जहाँ से फोटो भेजी गई थी। एसएसपी अलीगढ़ ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

समाज और तकनीक का काला चेहरा ये घटनाएं दर्शाती हैं कि किस तरह तकनीक का इस्तेमाल अब किसी की जिंदगी तबाह करने के लिए किया जा रहा है। मनोवैज्ञानकों का मानना है कि साइबर बुलिंग और छेड़खानी के मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई का अभाव पीड़ितों को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर देता है। अलीगढ़ की इन बेटियों के साथ हुए इस अन्याय ने स्थानीय लोगों में भारी रोष पैदा कर दिया है और वे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।