उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट! 20 अगस्त को इन जिलों में हो सकती है तबाही, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

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देश के कई पहाड़ी राज्यों में मानसूनी सीजन में लगातार बारिश का दौर जारी है, और उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं है. 20 अगस्त 2025 को उत्तराखंड के मौसम को लेकर मौसम विभाग (IMD) ने एक अहम पूर्वानुमान जारी किया है. कई इलाकों में पहले से ही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हुई हैं, और अब विभाग ने प्रदेश के कुछ प्रमुख जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई है.

खबर है कि देहरादून से लेकर चमोली तक, राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है. इस चेतावनी को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन और खासकर पर्यटकों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है. तो चलिए, जानते हैं कि 20 अगस्त को उत्तराखंड का मौसम कैसा रहने वाला है और किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है.

20 अगस्त को कहां-कहां बरसेगा ‘यम’ (बारिश)?

मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, 20 अगस्त को उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश जारी रहने की उम्मीद है. लेकिन, कुछ खास जिलों के लिए विभाग ने 'येलो अलर्ट' जारी किया है.

यह येलो अलर्ट मुख्य रूप से देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों के लिए है. इन पहाड़ी जिलों में आज कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है. मैदानी इलाकों में भी दोपहर बाद या शाम को ऐसी गतिविधियों के होने की संभावना जताई गई है.

'येलो अलर्ट' का मतलब क्या है?

मौसम विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला 'येलो अलर्ट' यह दर्शाता है कि आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर जगह तबाही ही आएगी, लेकिन यह एक प्रकार की 'सतर्कता' का संकेत है.

'येलो अलर्ट' का सीधा अर्थ है कि आपको मौसम के बारे में जानकारी रखनी चाहिए, संभावित खतरों के लिए तैयार रहना चाहिए और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए. इन संभावित खतरों में शामिल हो सकते हैं:

  • बाढ़ की स्थिति: खासकर निचले इलाकों और नदियों के आसपास.
  • भूस्खलन (Landslides): पहाड़ी रास्तों पर अचानक मलबा या चट्टानें खिसक सकती हैं.
  • यातायात बाधित होना: भारी बारिश से सड़कों पर जलभराव या भूस्खलन के कारण यातायात रुक सकता है.
  • बिजली कड़कना:खुली जगहों पर या बिजली के खंभों के पास खड़ा होना खतरनाक हो सकता है.

पहाड़ों पर कैसा रहता है बारिश का असर?

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए, लगातार बारिश अपने साथ कुछ विशेष चुनौतियां लेकर आती है.

  1. सड़कें हुईं खतरनाक: तेज बारिश के कारण पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन एक आम समस्या है. कई बार रास्ते बंद हो जाते हैं, जिससे यात्रा में बाधा आती है.
  2. पर्यटन पर असर: पर्यटक स्थलों पर जाने वाले यात्रियों को खासकर सावधानी बरतनी चाहिए. अगर रास्ते बंद हैं या मौसम बेहद खराब है, तो अपनी यात्रा टालना या रद्द करना बेहतर हो सकता है.
  3. तापमान में गिरावट: भारी बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है,  जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलती है, लेकिन ठंड का अहसास बढ़ सकता है.
  4. नदियों का जलस्तर: बारिश से नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है,  इसलिए नदी-किनारे रहने वाले या वहाँ जाने वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए.

मौसम विभाग की सलाह: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

मौसम विभाग ने सभी नागरिकों और विशेष रूप से यात्रियों से आग्रह किया है कि वे:

  • यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लें: अगर आप किसी पहाड़ी रास्ते से यात्रा करने वाले हैं, तो स्थानीय मौसम के हाल की पूरी जानकारी ज़रूर लें.
  • सुरक्षित स्थानों पर रहें: गरज-चमक या भारी बारिश के समय पेड़ों के नीचे,  बिजली के खंभों के पास या खुले मैदान में खड़े न हों.
  • बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें: नदियों के उफान या जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें.
  • बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें: खराब मौसम में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें.

यह बारिश भले ही कुछ राहत लाए, लेकिन साथ ही जोखिम भी बढ़ा सकती है. इसलिए, 20 अगस्त को उत्तराखंड में रहने वाले या वहाँ जाने की योजना बना रहे सभी लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के अपडेट पर नज़र रखें और सुरक्षा के हर संभव उपाय करें.

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