अखिलेश यादव का बड़ा सवाल जब एनआरसी लागू ही नहीं, तो ये डिटेंशन सेंटर किसके लिए बन रहे हैं सर?
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पारा चढ़ गया है। बाहर भले ही ठंड हो, लेकिन लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी गर्मी महसूस की जा रही है। मुद्दा है डिटेंशन सेंटर (Detention Center) या जिसे सरकार 'होल्डिंग सेंटर' कह रही है।
हाल ही में खबर आई थी कि गाजियाबाद में एक खास सेंटर बनाया जा रहा है, जिसे लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपनी चिर-परिचित व्यंग्यात्मक शैली में सरकार से कुछ ऐसे सवाल पूछ लिए हैं, जिसका जवाब देना सत्ता पक्ष के लिए भारी पड़ सकता है।
आइये, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर अखिलेश क्या कहना चाह रहे हैं और उनकी चिंता की असली वजह क्या है।
"सर, क्या एनआरसी आ रहा है?"
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और प्रेस के जरिये सरकार पर तंज कसते हुए पूछा— "एनआरसी आ रहा है क्या सर? नहीं तो ये डिटेंशन सेंटर की जरूरत क्या है?"
उनका इशारा साफ़ था। जब केंद्र सरकार ने संसद में या बाहर अभी तक एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स) लागू करने की कोई पक्की घोषणा नहीं की है, तो फिर लोगों को कैद करके रखने के लिए ये इमारतें क्यों खड़ी की जा रही हैं?
वोटर लिस्ट और डिटेंशन सेंटर का कनेक्शन?
अखिलेश ने एक बहुत ही गंभीर शंका जताई है। आपको याद होगा कि पिछले कुछ चुनावों में विपक्ष ने आरोप लगाया था कि विशेष समुदाय और वर्ग के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं।
अखिलेश का तर्क यह है कि:
- जिन लोगों के नाम साज़िश के तहत वोटर लिस्ट से हटवाए गए, क्या अब उन्हें नागरिकता न होने का हवाला देकर इन सेंटरों में बंद किया जाएगा?
- क्या यह सरकार का डराने का नया तरीका है?
उन्होंने साफ़ कहा कि सरकार पहले लोगों का वोट डालने का हक़ छीनती है और अब शायद उनकी आज़ादी छीनने की तैयारी कर रही है।
"जनता के पैसे की बर्बादी क्यों?"
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने एक व्यावहारिक (Logical) सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि कुछ लोग अवैध तरीके से यहाँ रह रहे हैं और उनके पास कागज़ नहीं हैं, तो नियम के मुताबिक उन्हें उनके देश वापस (Deport) भेज देना चाहिए।
उन्होंने पूछा "अगर वो अवैध हैं, तो उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखकर, जनता के टैक्स के पैसों से खाना-पानी क्यों दिया जाएगा? उन्हें जेल में क्यों रखना? उन्हें सीधे बाहर क्यों नहीं भेजा जाता?"
अखिलेश के मुताबिक, यह सब सिर्फ एक ख़ास एजेंडा सेट करने और समाज में डर का माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है।
गाजियाबाद वाला मामला क्या है?
दरअसल, यूपी सरकार ने गाजियाबाद में एक 'होल्डिंग सेंटर' बनाने की मंजूरी दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह उन विदेशी नागरिकों के लिए है जो वीज़ा ख़त्म होने के बाद भी अवैध रूप से रह रहे हैं या किसी अपराध में शामिल हैं। उन्हें उनके देश वापस भेजने तक यहाँ रखा जाएगा। लेकिन विपक्ष इसे सीधे तौर पर एनआरसी की तैयारी से जोड़कर देख रहा है।