Airport Food: एयरपोर्ट पर 10 रुपये में चाय और 20 में नाश्ता! राघव चड्ढा ने संसद में उठाई 'उड़ान यात्री कैफे' के विस्तार की मांग

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नई दिल्ली, ब्यूरो।हवाई अड्डों पर पानी की एक बोतल या चाय के कप के लिए भारी-भरकम कीमत चुकाने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को संसद में हवाई यात्रियों की जेब पर पड़ने वाले इस बोझ का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने सरकार की 'उड़ान यात्री कैफे' (Udaan Yatri Cafe) पहल की सराहना तो की, लेकिन इसके सीमित विस्तार पर चिंता जताते हुए इसे देश के हर छोटे-बड़े एयरपोर्ट पर अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की।

लग्जरी नहीं, बुनियादी सुविधा है किफायती भोजन: राघव चड्ढा

उच्च सदन में अपनी बात रखते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि लंबे समय से यात्री एयरपोर्ट पर मिलने वाले महंगे भोजन और पेय पदार्थों की शिकायत करते रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि "एयरपोर्ट पर सस्ता और किफायती भोजन मिलना कोई लग्जरी (विलासिता) नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए एक बुनियादी सुविधा है।" चड्ढा के अनुसार, मध्यम वर्गीय यात्री अक्सर एयरपोर्ट की कीमतों को देखकर कुछ भी खरीदने से कतराते हैं, जिसे बदलने की जरूरत है।

"चेक-इन के बाद ही लगती है सबसे ज्यादा भूख"

सांसद चड्ढा ने सरकार को एक व्यावहारिक सुझाव देते हुए कहा कि वर्तमान में ये कैफे ज्यादातर 'प्री-चेक-इन' एरिया (सिक्योरिटी जांच से पहले) में स्थित हैं। उन्होंने मांग की कि:

डिपार्चर एरिया में हो कैफे: इन्हें सिक्योरिटी जांच के बाद वाले वेटिंग एरिया में खोला जाना चाहिए, क्योंकि यात्री सबसे ज्यादा समय वहीं बिताते हैं।

लंबी कतारों से मुक्ति: व्यस्त घंटों (Peak Hours) में काउंटर कम होने से लंबी कतारें लग जाती हैं, जिन्हें बढ़ाने की जरूरत है।

मेनू में विविधता: उन्होंने मेनू के विकल्पों को भी बढ़ाने का सुझाव दिया ताकि यात्रियों के पास अधिक चुनाव हों।

150 एयरपोर्ट, लेकिन कैफे सिर्फ 12 पर?

राघव चड्ढा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत में वर्तमान में 150 से अधिक एयरपोर्ट संचालित हैं, लेकिन 'उड़ान यात्री कैफे' की सुविधा केवल 10 से 12 एयरपोर्ट तक ही सीमित है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस योजना को व्यापक रूप से लागू किया जाए ताकि देश के हर कोने में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिल सके।

क्या है 'उड़ान यात्री कैफे' योजना?

फरवरी 2026 में शुरू हुई इस सरकारी पहल का मकसद हवाई अड्डों पर खाने-पीने की चीजों की मोनोपॉली (एकाधिकार) को खत्म करना है। इस योजना के तहत यात्रियों को बेहद सस्ती दरों पर स्नैक्स मिलते हैं:

चाय और पानी: मात्र 10 रुपये।

कॉफी और स्नैक्स: मात्र 20 रुपये।

यह पहल उन यात्रियों के लिए वरदान साबित हो रही है जो एयरपोर्ट के महंगे रेस्टोरेंट्स में जाने से बचते हैं।