नोएडा के बाद अब राजस्थान में मदरसन प्लांट पर हंगामा 1000 से ज्यादा कर्मचारियों का धरना, सड़कों पर उतरे वर्कर्स
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के नोएडा के बाद अब राजस्थान में ऑटो पार्ट्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी 'मदरसन' (Motherson) के प्लांट पर भारी हंगामा शुरू हो गया है। अपनी मांगों को लेकर 1000 से भी ज्यादा कर्मचारी काम बंद कर सड़कों पर उतर आए हैं और प्लांट के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों की इस एकजुटता ने कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
वेतन और सुविधाओं को लेकर भारी आक्रोश
विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी उनसे घंटों काम लेती है, लेकिन उसके बदले में मिलने वाली सुविधाएं और वेतन संतोषजनक नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में वेतन वृद्धि, ओवरटाइम का सही भुगतान और बेहतर कार्य परिस्थितियों (Working Conditions) का प्रावधान शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार प्रबंधन को ज्ञापन सौंपने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
नोएडा की तर्ज पर राजस्थान में भी आंदोलन
हाल ही में नोएडा स्थित मदरसन प्लांट में भी इसी तरह का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। राजस्थान के कर्मचारियों का कहना है कि वे भी अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे और जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे काम पर नहीं लौटेंगे। प्लांट के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। विरोध प्रदर्शन के कारण कंपनी के उत्पादन (Production) पर भी सीधा असर पड़ा है।
प्रबंधन और प्रशासन के बीच बातचीत का दौर
हंगामे को देखते हुए स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने दखल देना शुरू कर दिया है। कंपनी प्रबंधन और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के बीच बीच का रास्ता निकालने के लिए कई दौर की वार्ता जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि इस औद्योगिक विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया जाए ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। हालांकि, कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
प्लांट के बाहर हो रहे इस बड़े विरोध प्रदर्शन के कारण पूरे औद्योगिक क्षेत्र में तनाव और सन्नाटे का माहौल है। कर्मचारियों का समर्थन करने के लिए कुछ अन्य स्थानीय संगठनों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यदि यह गतिरोध जल्द नहीं सुलझा, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र हो सकता है, जिसका असर ऑटोमोबाइल सेक्टर की सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है।