राजस्थान में मानसून की चाल सुस्त पूर्वी जिलों में कम बारिश से चिंता बढ़ी, सिर्फ इन 4 जिलों में मिली राहत
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में इस साल मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में मानसून की सक्रियता काफी कमजोर पड़ गई है, जिससे विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान के जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। जहां आमतौर पर इस समय तक अच्छी बारिश दर्ज की जाती थी, वहां अब तक औसत से काफी कम वर्षा हुई है। हालांकि, राज्य के चार जिलों के लिए राहत की खबर है, जहां मानसून ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
पूर्वी राजस्थान में बारिश का कोटा अधूरा
पूर्वी राजस्थान के जिलों, जो अपनी हरियाली और खेती के लिए जाने जाते हैं, वहां मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कम बारिश के कारण तापमान में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय होने वाले सिस्टम के कमजोर पड़ने से राजस्थान तक पहुंचने वाली मानसूनी हवाएं कमजोर हो गई हैं।
इन 4 जिलों में हुई संतोषजनक बारिश
राज्य के अधिकांश हिस्सों में भले ही बादल न बरसे हों, लेकिन चार जिलों में मानसून ने राहत दी है। इन जिलों में औसत या उससे थोड़ी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है, जिससे वहां के जलाशयों में पानी की आवक शुरू हुई है और गर्मी से भी निजात मिली है। अन्य जिलों में अभी भी अच्छी बारिश के लिए लंबा इंतजार बना हुआ है।
खेती और पशुपालन पर पड़ रहा असर
मानसून के कमजोर पड़ने का सीधा असर खरीफ की फसलों पर पड़ने की आशंका है। बाजरा, ग्वार और मूंग जैसी फसलों की बुवाई कर चुके किसानों को अब सिंचाई के लिए बारिश का इंतजार है। यदि आने वाले कुछ दिनों में मानसून फिर से सक्रिय नहीं होता है, तो फसलों के उत्पादन में गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही चारे की कमी होने से पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं।
आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, अगले एक हफ्ते तक राज्य में भारी बारिश के कोई संकेत नहीं हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए ही अपनी अगली रणनीति तय करें। उम्मीद की जा रही है कि जुलाई के अंत तक एक नया मानसूनी सिस्टम सक्रिय होगा, जो राजस्थान की प्यास बुझाएगा।