Jharkhand Cabinet Decisions : धनबाद, जामताड़ा, गिरिडीह और खूंटी में खुलेंगे मेडिकल FMGE छात्रों को मिलेगा स्टाईपंड
News India Live, Digital Desk: झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में बुधवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें चार नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और विदेशी मेडिकल स्नातकों (FMGs) के लिए स्टाईपंड का निर्णय सबसे प्रमुख है।
1. चार जिलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज
राज्य के धनबाद, जामताड़ा, गिरिडीह और खूंटी के सदर अस्पतालों को अपग्रेड कर अब उन्हें मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा।
मॉडल: यह परियोजना PPP (Public-Private Partnership) मोड पर आधारित होगी।
फंडिंग (VGF): यह केंद्र सरकार की 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' (VGF) योजना के तहत कार्यान्वित होगी।
धनबाद: उपयोजना-1 के तहत (केंद्र 30%, राज्य 30% सहायता)।
खूंटी, जामताड़ा व गिरिडीह: उपयोजना-2 के तहत (केंद्र 40% पूंजीगत व्यय + 25% परिचालन व्यय; शेष राज्य सरकार वहन करेगी)।
2. विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMG) के लिए खुशखबरी
विदेशों से एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर लौटने वाले झारखंड के छात्रों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है।
स्टाईपंड: अब फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप के दौरान ₹17,500 प्रति माह का स्टाईपंड मिलेगा।
उद्देश्य: इससे उन छात्रों को आर्थिक मदद मिलेगी जो अपनी अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी कर रहे हैं।
3. स्थानीय स्तर पर तैयार होंगे डॉक्टर: स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए स्थानीय स्तर पर मेडिकल कॉलेज बढ़ाना अनिवार्य है।"मैं खुद इसका उदाहरण हूं, मुझे पढ़ाई के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ा। स्थानीय स्तर पर डॉक्टर तैयार होने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी और मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।"
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले:
कोयला घोटाला जांच: राज्य में मनी लाउंड्रिंग नेटवर्क और अवैध कोयला खनन पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम।
वित्त विभाग की सख्ती: झारखंड गठन के बाद से ट्रेजरी से हुई सभी निकासी की गहन जांच के आदेश।
मौसम का अलर्ट: राज्य में बढ़ती गर्मी और 40 डिग्री पार जाते तापमान को देखते हुए जरूरी निर्देश।
भविष्य का प्रभाव:
इन चार मेडिकल कॉलेजों के बनने से झारखंड में मेडिकल सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा मिलेगी, बल्कि उन जिलों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे जहाँ स्वास्थ्य सुविधाएं अब तक सीमित थीं।