Adulterated Flour : सेहतमंद कुट्टू आटा भी हो सकता है जानलेवा, खरीदने से पहले जान लें ये 3 बड़े खतरे
News India Live, Digital Desk: Adulterated Flour : नवरात्रि जैसे त्योहारों पर अक्सर हम व्रत रखते हैं और खाने में कुट्टू का आटा खूब इस्तेमाल करते हैं. यह ग्लूटेन-फ्री होता है और इसे पौष्टिक भी माना जाता है. कुट्टू, जिसे बकव्हीट (buckwheat) के नाम से भी जाना जाता है, दरअसल अनाज नहीं बल्कि एक फल का बीज होता है. इसके फायदे भी बहुत हैं, जैसे यह पाचन के लिए अच्छा है, फाइबर से भरपूर है और ऊर्जा देता है. लेकिन, कुछ मामलों में यह आपके लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है. जी हां, कुट्टू का आटा कुछ स्थितियों में ज़हरीला हो सकता है, जिससे आपकी सेहत बिगड़ सकती है. यह जानना बेहद ज़रूरी है कि कब और कैसे यह आटा आपको नुकसान पहुंचा सकता है.
कब ज़हरीला हो सकता है कुट्टू का आटा?
- गलत भंडारण और मिलावट (Improper Storage and Adulteration):
- अगर कुट्टू का आटा ठीक से स्टोर नहीं किया गया हो या नमी वाली जगह पर रखा गया हो, तो इसमें फफूंद लग सकती है. ये फफूंद जहरीले 'मायकोटॉक्सिन' पैदा कर सकते हैं, जिससे खाने पर तबीयत बिगड़ सकती है.
- सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब कुट्टू के आटे में सिंघाड़े का आटा, बाजरे का आटा, या कभी-कभी घटिया क्वालिटी का अनाज मिला दिया जाता है. यह मिलावट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है और फूड पॉइज़निंग का कारण बन सकती है.
- खासकर व्रत के समय बाज़ारों में कुट्टू के आटे की डिमांड बढ़ जाती है, ऐसे में दुकानदार मुनाफा कमाने के लिए इसमें अशुद्धियां मिला सकते हैं, जो ज़हरीली हो सकती हैं.
- खुले में रखा आटा या पुराना आटा (Open or Old Flour):
- खुले पैकेट में लंबे समय तक रखा कुट्टू का आटा नमी और हवा के संपर्क में आकर खराब हो सकता है.
- अगर आटे की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है, तो उसे इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. पुराना आटा हानिकारक बैक्टीरिया को जन्म दे सकता है.
- गर्मी में फफूंद लगना (Mold in Heat):
- गर्मियों के मौसम में कुट्टू के आटे को ठीक से नहीं रखने पर उसमें तेजी से फफूंद लग सकती है, खासकर जब इसे बंद डिब्बे में बिना हवादार जगह पर रखा जाए.
कुट्टू के आटे का सेवन कैसे करें?
- हमेशा पैकेटबंद और अच्छी ब्रांड का आटा खरीदें. खरीदारी करते समय एक्सपायरी डेट ज़रूर देखें.
- आटा खरीदने के बाद, उसे तुरंत किसी एयरटाइट कंटेनर में ठंडी और सूखी जगह पर स्टोर करें.
- अगर आटे से किसी तरह की अजीब गंध आ रही है, या उसका रंग बदल गया है, तो उसे बिल्कुल इस्तेमाल न करें.
- अगर आपको कुट्टू का आटा खाने के बाद पेट दर्द, उल्टी, दस्त या चक्कर जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
कुट्टू का आटा फायदेमंद हो सकता है, लेकिन उसकी शुद्धता और ताजगी का ध्यान रखना सबसे ज़्यादा ज़रूरी है, खासकर व्रत के समय जब शरीर थोड़ा अधिक संवेदनशील होता है.