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April 16 2026 06:48 am

छत्तीसगढ़ के सक्ती में हादसा, वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 13 मजदूरों की मौत, चारों तरफ मची चीख-पुकार

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News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ डभरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर भीषण विस्फोट हो गया। बॉयलर से टरबाइन तक हाई-प्रेशर भाप ले जाने वाली ट्यूब फटने से हुए इस धमाके में अब तक 13 श्रमिकों की जान जा चुकी है, जबकि 21 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और प्लांट परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।

दोपहर 2:30 बजे मौत बनकर फटी स्टीम पाइप

सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार, यह हादसा अपराह्न करीब 2:30 बजे हुआ। हाई-प्रेशर भाप की ट्यूब फटने से गर्म वाष्प और मलबे की चपेट में आने से 4 श्रमिकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अन्य घायलों को तत्काल रायगढ़ और बिलासपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान 9 और श्रमिकों की मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के वक्त प्लांट में काम चल रहा था और पाइप फटने के बाद मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

मुख्यमंत्री ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सीएम साय ने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इसी साल जनवरी में बलौदाबाजार की एक फैक्ट्री में भी ऐसा ही ब्लास्ट हुआ था, जिसमें सुरक्षा नियमों (SOP) के उल्लंघन की बात सामने आई थी।

केंद्र और राज्य सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

पीड़ित परिवारों की मदद के लिए सरकार ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर शोक जताते हुए 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष' (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल

शुरुआती जानकारी के अनुसार, पावर प्लांट में मेंटेनेंस और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचकर तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। अस्पतालों में भर्ती कई मजदूरों की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए विशेष बर्न यूनिट में रखा गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद प्लांट के उस हिस्से को सील कर दिया गया है।