शीतला माता मंदिर में मची भीषण भगदड़, कई महिलाओं की मौत चैती छठ के अर्घ्य से पहले पसरा सन्नाटा
News India Live, Digital Desk: बिहार के नालंदा जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक खबर सामने आ रही है। प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के दौरान अचानक मची भीषण भगदड़ (Stampede) में कई महिला श्रद्धालुओं की दबकर मौत हो गई है। यह हादसा उस समय हुआ जब चैती छठ के पावन अवसर पर मंदिर में जल अर्पण और पूजा के लिए हजारों की भारी भीड़ उमड़ी थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और त्यौहार की खुशियां मातम में बदल गईं।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिहारशरीफ के पास स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी थीं। चैती छठ के तीसरे दिन खरना के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं शीतला माता को जल चढ़ाने पहुंची थीं। मंदिर का निकास द्वार संकरा होने और क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति अनियंत्रित हो गई और जमीन पर गिरी महिलाएं भीड़ के पैरों तले दब गईं। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने को लेकर भी स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी, घायलों की हालत नाजुक
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को नजदीकी अस्पताल और बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, कई महिलाओं ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था, जबकि कुछ की हालत अब भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और प्रशासन द्वारा शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।
प्रशासनिक चूक और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इतने बड़े पर्व के दौरान मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस की तैयारी पर अब सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं का आरोप है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई थी और न ही महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती थी। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। फिलहाल मंदिर के आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया गया है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।