रेगिस्तान के नीचे दबा था 500 साल पुराना राज जब खदान खोदते-खोदते मिला सोने-चांदी से लदा जहाज

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News India Live, Digital Desk: अक्सर जब हम खजाने या पुराने समुद्री जहाजों की बात करते हैं, तो हमारे जेहन में गहरे नीले समंदर और मूंगे की चट्टानों की तस्वीर उभरती है। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी तपते हुए रेगिस्तान के नीचे से सोने और चांदी के सिक्कों से लदा एक विशालकाय जहाज निकले? सुनने में यह किसी हॉलीवुड फिल्म 'पाइरेट्स ऑफ द कैरिबियन' की कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन यह हकीकत है।

हीरों की तलाश में खुला कुदरत का करिश्मा

यह हैरान कर देने वाली खोज हुई है नामीबिया के रेगिस्तान में। दरअसल, यहाँ कुछ मजदूर और इंजीनियर्स हीरे (Diamonds) की खोज के लिए खुदाई कर रहे थे। मरुस्थल के इस इलाके में हीरों के भंडार मिलने की उम्मीद तो सबको थी, लेकिन रेत के नीचे से जो चीज निकलकर सामने आई, उसने पूरी दुनिया के पुरातत्वविदों (Archaeologists) को चौंका दिया। करीब 500 साल पुराना एक समुद्री जहाज वहाँ की रेत के नीचे दबा हुआ था।

सिर्फ लकड़ी का ढांचा नहीं, बल्कि 'सपनों का खजाना'

जब वैज्ञानिकों ने इस जहाज की बारीकी से जांच शुरू की, तो उनके होश उड़ गए। इस जहाज में हजारों की संख्या में सोने और चांदी के प्राचीन सिक्के मिले। जानकार बताते हैं कि ये सिक्के खास तौर पर स्पेन और पुर्तगाल के दौर के लग रहे हैं। जहाज में सिर्फ सिक्के ही नहीं, बल्कि तांबे की सिल्लियां, हाथी दांत और उस दौर की तोपें भी बरामद हुई हैं। यह किसी पुरानी सभ्यता की समृद्धि का जीता-जागता सबूत है।

रेगिस्तान के बीच कैसे पहुंचा समुद्री जहाज?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो जहाज लहरों पर तैरने के लिए बना था, वह कोसों दूर रेत के बीच कैसे पहुंच गया? एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज जहाँ ये रेगिस्तान है, सदियों पहले वहाँ समुद्र का किनारा हुआ करता था। समय के साथ समुद्र का जलस्तर कम हुआ या तटीय रेखा (Coastline) पीछे हट गई, जिसकी वजह से ये जहाज किनारे पर फंस गया और समय बीतने के साथ रेत की परतों ने इसे पूरी तरह ढक लिया। रेत के भीतर नमी की कमी की वजह से इस जहाज की लकड़ी और सिक्के 500 साल बाद भी काफी सुरक्षित हालत में हैं।

पुर्तगाली कनेक्शन: 'बॉम्ब जीसस' की अनसुनी कहानी

ऐतिहासिक कड़ियों को जोड़ने पर पता चलता है कि यह जहाज मुमकिन है पुर्तगाल का मशहूर 'बॉम्ब जीसस' (Bom Jesus) हो, जो 1533 के आसपास भारत की ओर आते वक्त गुम हो गया था। उस दौर में यह जहाज लिस्बन से मसालों और कीमती धातुओं के व्यापार के लिए निकला था, लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और यह एक भीषण समुद्री तूफान का शिकार होकर तट पर ही सिमट कर रह गया।

इतिहास प्रेमियों के लिए बड़ी जीत

आज यह जहाज हमारे लिए सिर्फ धन-दौलत का स्रोत नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक टाइम मशीन है। इसके जरिए हमें यह समझने में मदद मिल रही है कि 16वीं सदी में नाविक कैसे समुद्र पार करते थे, वे क्या खाते थे और व्यापार की शक्ल कैसी थी।

कुदरत ने इस खजाने को सदियों तक इंसानी नजरों से बचाकर रखा, ताकि जब ये मिले, तो हम बीते हुए कल की अनकही दास्तां सुन सकें। रेगिस्तान की इस तपती रेत ने हमें जो सबक दिया है, वो किसी भी सोने के सिक्के से कहीं ज्यादा कीमती है।