दुबई में बंधक बने झारखंड के 14 मजदूर! न खाना मिल रहा, न सैलरी सीएम हेमंत सोरेन से लगाई वतन वापसी की गुहार
News India Live, Digital Desk: झारखंड के विभिन्न जिलों (मुख्य रूप से हजारीबाग और गिरिडीह) के 14 प्रवासी मजदूर इन दिनों दुबई में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। एक साल पहले सुनहरे भविष्य का सपना लेकर विदेश गए इन मजदूरों का आरोप है कि वहां की कंपनी ने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए हैं और उन्हें पिछले कई महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उनके पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। मजदूरों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उन्हें जल्द से जल्द रेस्क्यू करने की अपील की है।
धोखे का शिकार हुए मजदूर (How it Started)
मजदूरों के अनुसार, वे एक निजी एजेंट के जरिए काम की तलाश में दुबई गए थे।
झूठा वादा: एजेंट ने उन्हें अच्छी कंपनी और ऊंचे वेतन का लालच दिया था।
पासपोर्ट जब्त: दुबई पहुँचते ही वहां के नियोक्ता (Employer) ने उनके पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिए, जिससे वे अपनी मर्जी से घर नहीं लौट पा रहे हैं।
बदहाली: मजदूरों का कहना है कि उन्हें एक छोटे से कमरे में रखा गया है और बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
झारखंड में रह रहे इन मजदूरों के परिजनों ने स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। परिजनों का कहना है कि घर का खर्च चलाने वाला अकेला सदस्य विदेश में फंसा है, जिससे यहाँ परिवार के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।
सरकार का एक्शन: वतन वापसी की तैयारी
झारखंड सरकार के 'प्रवासी सहायता केंद्र' (Migrant Control Room) ने इस मामले का संज्ञान लिया है।
दूतावास से संपर्क: राज्य सरकार ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से दुबई स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) को आधिकारिक पत्र लिखा है।
एजेंट पर कार्रवाई: पुलिस उस एजेंट की तलाश कर रही है जिसने इन मजदूरों को फर्जी वादों के आधार पर विदेश भेजा था।
सेफ होम: सरकार का लक्ष्य इन मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस लाना और उनके बकाया वेतन का भुगतान कराना है।
प्रवासी मजदूरों के लिए जरूरी सलाह (Safety Tips)
विदेशी धरती पर ऐसे हादसों से बचने के लिए श्रम विभाग ने कुछ निर्देश जारी किए हैं:
हमेशा ई-माइग्रेट (e-Migrate) पोर्टल के जरिए रजिस्टर्ड एजेंट से ही विदेश जाएं।
विदेश जाने से पहले अपने अनुबंध (Contract) की कॉपी और कंपनी की जानकारी स्थानीय श्रम कार्यालय में जरूर दें।
किसी को भी अपना असली पासपोर्ट जमा न करने दें।