छत्तीसगढ़ में 125 आदिवासियों ने छोड़ा ईसाई धर्म, BJP MLA ने पैर धोकर कराई 'घर वापसी
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में एक बड़ा 'घर वापसी' कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ 40 आदिवासी परिवारों के 125 लोगों ने ईसाई धर्म त्यागकर फिर से सनातन धर्म अपना लिया. इस मौके पर जो तस्वीरें सामने आईं, वे बेहद भावुक कर देने वाली थीं और अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं.
सर्व हिंदू समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुए ये सभी लोग बैगा और गोंड आदिवासी समुदाय के हैं. बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ परिवारों ने कुछ साल पहले किसी के बहकावे में आकर या किन्हीं वजहों से ईसाई धर्म अपना लिया था. अब इन सभी ने अपनी स्वेच्छा से अपने मूल धर्म में लौटने का फैसला किया.
जब MLA ने पैर धोकर किया स्वागत
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात रहीं पंडरिया विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी की विधायक भावना बोहरा. जब उन्हें इस 'घर वापसी' कार्यक्रम की जानकारी मिली, तो वे भी वहां पहुंचीं. लेकिन उन्होंने किसी नेता की तरह मंच से भाषण नहीं दिया, बल्कि एक ऐसा काम किया जिसने सबका दिल जीत लिया.
विधायक भावना बोहरा ने ईसाई धर्म छोड़कर सनातन धर्म में वापस लौटे सभी 125 लोगों का पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया. उन्होंने एक-एक करके सभी पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के अपने हाथों से पैर धोए, उन्हें तिलक लगाया और शॉल ओढ़ाकर सनातन परिवार में उनका अभिनंदन किया. यह देखकर वहां मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं.
क्या कहा विधायक भावना ने?
इस मौके पर विधायक भावना बोहरा ने कहा, "यह कोई धर्म परिवर्तन नहीं, बल्कि घर वापसी है. ये लोग कहीं गए नहीं थे, बस अपने ही परिवार में रास्ता भटक गए थे. आज इन सबकी अपने घर में वापसी हुई है और पूरा सनातन समाज brazos फैलाकर इनका स्वागत कर रहा है."
उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग भोले-भाले आदिवासियों को बहकाकर उनका धर्म परिवर्तन करा देते हैं, जो कि बिल्कुल गलत है. उन्होंने कहा कि जो भी अपनी इच्छा से सनातन धर्म में वापस आना चाहता है, उसके लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं.
यह घटना एक बार फिर से छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन के संवेदनशील मुद्दे को सामने ले आई है. लेकिन इन सब के बीच, एक जनप्रतिनिधि का अपने क्षेत्र के लोगों के पैर धोकर उनका सम्मान करना, एक अनूठी और सकारात्मक मिसाल पेश कर रहा है.